लाइब्रेरी चौक से लाल टिब्बा तक प्रस्तावित रोपवे स्टेशनों का सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने किया स्थलीय निरीक्षण तकनीकी व्यवहार्यता, पर्यावरण संरक्षण और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर, चार दुकान क्षेत्र के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने के निर्देश देहरादून। पर्यटन नगरी मसूरी में बढ़ते पर्यटक दबाव और यातायात जाम की चुनौती से निपटने के लिए प्रस्तावित मसूरी मेट्रो रोपवे परियोजना को सरकार ने गति देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में शुक्रवार को सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, जिला प्रशासन, नगर पालिका मसूरी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ परियोजना के प्रस्तावित स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान तकनीकी व्यवहार्यता, भू-तकनीकी स्थिति, पर्यावरणीय प्रभाव और यातायात प्रबंधन सहित विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण की शुरुआत मसूरी के लाइब्रेरी चौक से हुई, जहां अधिकारियों ने प्रस्तावित रोपवे मार्ग और टर्मिनल स्टेशन की रूपरेखा प्रस्तुत की। सचिव आवास ने उपलब्ध भूमि, यात्रियों की सुविधा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना की प्रगति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद निरीक्षण दल ने पिक्चर पैलेस (चिक चॉकलेट) तथा गढ़वाल मंडल विकास निगम परिसर के निकट प्रस्तावित टर्मिनल स्टेशनों का जायजा लिया। यहां यात्रियों की आवाजाही, पहुंच मार्ग, सुरक्षा प्रबंधन और निर्माण की तकनीकी व्यवहार्यता पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने आईएनआई डिस्पेंसरी, भनौत एस्टेट और नहाटा एस्टेट (लाल टिब्बा) क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। विशेष रूप से चार दुकान क्षेत्र में प्रस्तावित अपर रोपवे स्टेशन के लिए उपलब्ध सीमित स्थान और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों का आकलन किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चार दुकान क्षेत्र में स्टेशन के लिए अधिक सुरक्षित और उपयुक्त वैकल्पिक स्थान चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि अंतिम प्रस्ताव भू-तकनीकी अध्ययन के आधार पर तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में निर्माण और संचालन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के निर्माण में मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता, पर्यावरणीय संतुलन और ऐतिहासिक विरासत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। निर्माण कार्य के दौरान सभी पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे। सरकार का मानना है कि मसूरी मेट्रो रोपवे परियोजना के पूर्ण होने के बाद पर्यटन सीजन में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी। साथ ही स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक तथा पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है और मसूरी का पर्यटन ढांचा अधिक आधुनिक एवं व्यवस्थित बनेगा। निरीक्षण के दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ब्रिजेश कुमार मिश्रा, उप जिलाधिकारी मसूरी राहुल आनंद, संयुक्त महाप्रबंधक (सिविल) जय नंदन सिन्हा, नगर पालिका मसूरी के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, रेंज अधिकारी महेंद्र नेगी, प्रबंधक (सिविल) अभिषेक त्यागी, सेक्शन इंजीनियर सौरभ पटवाल, अशोक डोभाल, वरिष्ठ सर्वेयर कुंदन सिंह अधिकारी, वरिष्ठ सर्वेयर हरिओम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड में आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मसूरी मेट्रो रोपवे परियोजना न केवल बढ़ते यातायात दबाव का दीर्घकालिक समाधान प्रदान करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम बनाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहे। Post navigation अयोध्या प्रकरण के बाद बीकेटीसी अलर्ट: दान-चढ़ावे में पारदर्शिता के निर्देश, फिर उठे जवाबदेही और ऑडिट के सवाल राष्ट्रसेवा की अमिट विरासत को नमन: स्व. धरमवीर की पुण्य स्मृति में देहरादून में श्रद्धांजलि सभा