संघ पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने किया भावपूर्ण स्मरण, त्याग और समर्पण को बताया नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं कर्मयोगी स्वर्गीय धरमवीर की पुण्य स्मृति में शुक्रवार को स्वर्गापुरी आश्रम, रेसकोर्स, देहरादून में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए स्वर्गीय धरमवीर के राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और अनुशासित जीवन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय धरमवीर ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। प्रचारक के रूप में उन्होंने सादगी, अनुशासन, त्याग और संगठन के प्रति निष्ठा को अपने जीवन का आधार बनाया। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि निस्वार्थ सेवा और दृढ़ संकल्प के बल पर समाज में स्थायी परिवर्तन की नींव रखी जा सकती है। वक्ताओं ने कहा कि संगठन के विस्तार, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने अनेक कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और अपने व्यवहार, कार्यशैली तथा विचारों से संगठनात्मक संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके आदर्श आज भी स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र प्रचारक प्रमुख जगदीश, क्षेत्र समरसता प्रमुख जयसवाल, प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, प्रांत प्रचार प्रमुख संजय, प्रांत व्यवस्था प्रमुख नीरज मित्तल, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सुरेन्द्र मित्तल, विभाग प्रचारक धनंजय, विभाग कार्यवाह रविंद्र तथा विभाग सह-कार्यवाह अरुण सहित संघ के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सेवा संगठनों के प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय धरमवीर का जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना का सजीव प्रतीक था। उन्होंने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर संगठन और समाज के लिए कार्य किया। उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा और सामाजिक समरसता के कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम का समापन दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना तथा राष्ट्रहित और समाजसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। Post navigation मसूरी मेट्रो रोपवे परियोजना को मिली नई गति: लाइब्रेरी चौक से लाल टिब्बा तक प्रस्तावित स्टेशनों का निरीक्षण, पर्यटन और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष जोर भगवान शंकर आश्रम बना निर्बलों का सहारा, जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचा निःशुल्क राशन