आवासीय भवन में बिना अनुमति शिक्षण गतिविधि संचालित होने का लगाया आरोप, प्रशासन बोला—जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई जोशीमठ (चमोली)। सीमांत नगर जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) में एक आवासीय परिसर के भीतर कथित रूप से संचालित किए जा रहे मदरसे को लेकर गुरुवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठनों ने आरोप लगाया कि संबंधित स्थान पर आवश्यक वैधानिक अनुमति एवं पंजीकरण के बिना शिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। मामले को लेकर कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योतिर्मठ को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि संबंधित संस्थान के पास स्थानीय प्रशासन से आवश्यक अनुमति, मान्यता और नियमानुसार पंजीकरण उपलब्ध नहीं है। संगठनों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि सीमांत क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संत संपर्क प्रमुख पवन राठौर ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बिना अनुमति शिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं तो यह नियमों का उल्लंघन है और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। बजरंग दल के अध्यक्ष शुभम रावत ने बताया कि संगठन को लंबे समय से इस संबंध में सूचनाएं मिल रही थीं। उनके अनुसार मौके पर पहुंचने पर बच्चों को पढ़ाया जाता मिला। उन्होंने दावा किया कि बच्चों को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक को लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर रखा गया था। संगठन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कर संभावित नेटवर्क की भी जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर, वहां पढ़ाने वाले शिक्षक मिन्नादुल्ला ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल बच्चों को शिक्षा और उर्दू भाषा का ज्ञान देना था। वहीं एक छात्र ने बताया कि वह नियमित रूप से स्थानीय विद्यालय में पढ़ाई करता है और यहां केवल अतिरिक्त भाषा के रूप में उर्दू सीखने आता है। मामले पर प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। तहसीलदार महेंद्र ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उपलब्ध तथ्यों और नियमों के अनुरूप आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान बजरंग दल अध्यक्ष शुभम रावत, विहिप प्रांत संत संपर्क प्रमुख पवन राठौर, विहिप जिला उपाध्यक्ष प्रदीप भट्ट, ललित थपलियाल, शिवानन्द थपलियाल (सेमवाल), रजत सकलानी, दीपक राणा, अभिषेक, गर्व सती, अमित सती, समीर डिमरी सहित बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। Post navigation यूपीसीएल की कमान संभालते ही पी.सी. ध्यानी बोले उपभोक्ता सेवा, पारदर्शिता और आधुनिकीकरण को बनाया सर्वोच्च लक्ष्य देहरादून महायोजना-2041: आपत्तियों की सुनवाई के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी, चार सेक्टरों के बदले गए स्थल