किच्छा भूमि विवाद में जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई, मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठन को बताया ऐतिहासिक निर्णय देहरादून। उत्तराखंड भाजपा ने किच्छा भूमि विवाद और मदरसा बोर्ड की समाप्ति जैसे दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर कांग्रेस को घेरते हुए राज्य सरकार के फैसलों का जोरदार बचाव किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज सर्वोपरि है और सरकार अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से काम कर रही है। वहीं, मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन को उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया। किच्छा भूमि विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस नेताओं के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव के आधार पर कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। सरकार किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को संरक्षण नहीं देगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ नेता राजनीतिक स्वार्थ में एक बुजुर्ग महिला का भी सम्मान नहीं कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। भट्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी तथा कानून अपना कार्य बिना किसी दबाव के करेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी से न तो प्रशासनिक निर्णय प्रभावित होंगे और न ही कानूनी प्रक्रिया। इसी क्रम में उन्होंने राज्य सरकार द्वारा मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह सुधार अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को आधुनिक शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास से जोड़ने का माध्यम बनेगा। इससे मुस्लिम, सिख, जैन सहित सभी अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि नए प्राधिकरण के माध्यम से अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी तथा विद्यार्थियों को मिलने वाली डिग्रियों और प्रमाणपत्रों की उपयोगिता भी बढ़ेगी। उन्होंने कांग्रेस से तुष्टिकरण की राजनीति छोड़कर इस पहल का समर्थन करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में अल्पसंख्यक समाज का हित चाहता है तो उसे ऐसे सुधारात्मक निर्णयों का स्वागत करना चाहिए। भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार उत्तराखंड की जनसांख्यिकी की सुरक्षा, कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से सरकार के संकल्प पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। Post navigation मानसून से पहले पौड़ी में आपदा से जंग की रिहर्सल, सात संवेदनशील स्थानों पर परखी गई तैयारियां यूपीसीएल की कमान संभालते ही पी.सी. ध्यानी बोले उपभोक्ता सेवा, पारदर्शिता और आधुनिकीकरण को बनाया सर्वोच्च लक्ष्य