ऊर्जा क्षेत्र के नियामकीय ढांचे को मिलेगा नया बल

रुड़की। केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज आईआईटी रुड़की में “सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स” का उद्घाटन किया। यह केंद्र फोरम ऑफ रेगुलेटर्स और आईआईटी रुड़की की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य देश के विद्युत क्षेत्र के नियामकीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाना है।

फोरम ऑफ रेगुलेटर्स निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

फोरम ऑफ रेगुलेटर्स भारत का एक वैधानिक निकाय है, जो केंद्रीय एवं राज्य विद्युत नियामकों के बीच समन्वय, सामंजस्य और नियामकीय प्रक्रियाओं को मजबूत करने का कार्य करता है। इसी दिशा में आईआईटी रुड़की के सहयोग से यह केंद्र स्थापित किया गया है।

आईआईटी के सहयोग से स्थापित दूसरा केंद्र

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह आईआईटी के सहयोग से स्थापित होने वाला दूसरा ऐसा केंद्र है। इससे पूर्व आईआईटी दिल्ली, केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग और ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई थी। इसका उद्देश्य अनुसंधान, क्षमता निर्माण एवं नियामकीय उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।

अनुसंधान और क्षमता निर्माण पर रहेगा विशेष फोकस

“सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स” को राष्ट्रीय स्तर पर नियामकीय अनुसंधान, क्षमता निर्माण, परामर्श सहयोग और ज्ञान प्रसार के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह केंद्र ऊर्जा क्षेत्र में नीति निर्माण और आधुनिक विनियमन प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा कार्यक्रम भी होंगे संचालित

केंद्र के माध्यम से विभिन्न अग्रणी संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार एवं ऊर्जा योजना और विनियमन से जुड़े स्नातकोत्तर शैक्षणिक कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के लिए कुशल पेशेवर तैयार किए जा सकें।

इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग एवं फोरम ऑफ रेगुलेटर्स के अध्यक्ष जिष्णु बरुआ तथा आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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