सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, फिटनेस और संस्कृति को नई पहचान देने की पहल चमोली, 31 मई। उत्तराखंड के चमोली जनपद की प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार को तीन दिवसीय ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस विशेष आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना तथा युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है। प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया फ्लैग ऑफ कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत गांवों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को भी देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। पहले दिन 75 और 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन का आयोजन जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जा रहा है। प्रतियोगिता के पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन का आयोजन किया गया, जिसमें 117 धावकों ने भाग लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 प्रतिभागियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में 5, 10 और 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा समापन दिवस पर गमसाली से मलारी तक 30 किलोमीटर एमटीबी (माउंटेन बाइकिंग) चैलेंज का भी आयोजन किया जाएगा, जो रोमांच और साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। सांस्कृतिक संध्या में झलकी सीमांत क्षेत्र की लोक संस्कृति आयोजन के शुभारंभ से पूर्व शनिवार रात्रि मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर नीति घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों और पर्यटकों को सीमांत क्षेत्र की परंपराओं और लोक जीवन से रूबरू कराया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर दायित्वधारी हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, गृह सचिव शैलेश बगौली, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी कार्यक्रम में शामिल हुए। Post navigation भारी बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन सतर्क पर्यटकों की बढ़ती भीड़ से कराह रहे पहाड़, कब लागू होगी कैरींग कैपेसिटी नीति?”