उत्तराखंड शासन का निर्णय, हर वर्ष 3 मई को चकराता के रमताल गार्डन (चौलीथात) में आयोजित मेले को मिला राजकीय दर्जा देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर केसरी चंद की स्मृति में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेले को राजकीय मेला घोषित करने का निर्णय लिया है। संस्कृति विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जनपद देहरादून के चकराता क्षेत्र स्थित रमताल गार्डन (चौलीथात) में प्रतिवर्ष 3 मई को आयोजित होने वाले मेले को अब आधिकारिक रूप से “राजकीय मेला” का दर्जा प्राप्त होगा। संस्कृति अनुभाग द्वारा 30 जून 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड शासन ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर केसरी चंद जी की स्मृति को सम्मान देने तथा उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शासन के इस फैसले से क्षेत्रीय जनता में खुशी की लहर है। शहीद वीर केसरी चंद उत्तराखंड के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल हैं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके सम्मान में वर्षों से स्थानीय स्तर पर मेले का आयोजन किया जाता रहा है। अब राजकीय मेले का दर्जा मिलने से इस आयोजन को नई पहचान और व्यापक स्वरूप मिलने की उम्मीद है। राजकीय मेला घोषित होने के बाद मेले के आयोजन में राज्य सरकार की भागीदारी बढ़ेगी। इससे मेले की व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्थानीय लोककला, लोकसंस्कृति और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है। सरकार के इस निर्णय को शहीद वीर केसरी चंद के प्रति सम्मान और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने शासन के इस फैसले का स्वागत किया है। गौरतलब है कि चकराता क्षेत्र का यह मेला लंबे समय से स्थानीय आस्था, संस्कृति और जनभागीदारी का केंद्र रहा है। अब राजकीय दर्जा मिलने के बाद इसकी पहचान राज्य स्तर पर और अधिक मजबूत होगी तथा प्रदेश भर से लोगों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है। Post navigation रेलवे लाइन के उस पार अटकी जिंदगी पर्यटन विभाग में बड़ी कार्रवाई: देहरादून के जिला पर्यटन विकास अधिकारी निलंबित