देहरादून। उत्तराखंड में रोजगार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के माध्यम से चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग के विभिन्न पदों पर की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षण केवल नियुक्ति प्राप्त करने का नहीं, बल्कि वर्षों के परिश्रम, संघर्ष और समर्पण की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि युवाओं के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं और सरकार उनके लिए रोजगार, स्वरोजगार तथा बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में युवाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उत्तराखंड सरकार भी इसी दिशा में कार्य करते हुए नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजनाएं और अन्य कार्यक्रम युवाओं को आर्थिक एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब युवाओं को भर्ती प्रक्रियाओं में अनिश्चितता और निराशा का सामना करना पड़ता था। कई बार वर्षों तक भर्तियां पूरी नहीं हो पाती थीं और युवाओं के सपनों के साथ अन्याय होता था। लेकिन वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया है, जिसके परिणामस्वरूप रिकॉर्ड समय में नियुक्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की है। इस कानून के लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बढ़ा है और योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत का उचित परिणाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक महत्व का है क्योंकि ठीक 12 वर्ष पूर्व इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व में देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की कि वे ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि’ के मंत्र को अपनाते हुए जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करें। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्राप्त करने वाले युवा केवल सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि उत्तराखंड के विकास यात्रा के महत्वपूर्ण सहभागी भी हैं। उनकी कार्यशैली और समर्पण राज्य के विकास को नई गति प्रदान करेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हजारों युवाओं को बिना किसी शिकायत और विवाद के सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं का विश्वास जीता है और उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि राज्य में अब बिना सिफारिश और बिना किसी दबाव के योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यह राज्य सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली का परिणाम है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अणथ्वाल, उपाध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, सचिव नितेश झा, अपर सचिव सी. रविशंकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। Post navigation हैदराबाद की 5 करोड़ की ज्वेलरी चोरी का खुलासा: नेपाल भाग रहे तीन आरोपी रुद्रपुर-बिलासपुर बॉर्डर से गिरफ्तार उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में 196 नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती, 12 जून से आवेदन शुरू