दिल्ली। भारतीय सेना में अफसर और महिला शांतिदूत सुमन गवनी को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) सैन्य जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से सम्मानित करेगा। यह पहली बार है जब किसी भारतीय शांति रक्षक को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। सैन्य पर्यवेक्षक सुमन यूएन मिशन के तहत दक्षिण सुडान में तैनात थीं। हाल ही में उन्होंने अपना मिशन पूरा किया है।

उनके साथ ब्राजील की सैन्य कमांडर कर्ला मोंटेइरो डे कास्त्रो अराउजो को भी यह सम्मान मिला है। यह लगातार दूसरा साल है जब ब्राजील के शांतिदूत को यह सम्मान मिला है। अराउजो संयुक्त राष्ट्र के सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में मिशन में काम कर रही हैं। भारतीय संसदीय मिशन ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। दोनों को 29 मई को सम्मानित किया जाएगा। अवॉर्ड के लिए दोनों का चयन करते समय यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों को पॉवरफुल रोल मॉडल्स बताया। गुटेरेस दोनों को संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक अंतरराष्ट्रीय दिवस के दिन 29 मई को एक ऑनलाइन कार्यक्रम के जरिए सम्मानित करेंगे।

गुटेरेस ने कहा कि इन्होंने अपने काम के जरिए उन लोगों में विश्वास जगाया है, जिनके लिए हम काम करते हैं। दोनों ब्लू हेलमेट्स के लिए प्रेरणा हैं। संयुक्त राष्ट्र के सैनिकों को ब्लू हेलमेट कहा जाता है। वे आबादी को खतरों से बचाते हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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