देहरादून। उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) की सम-सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में देहरादून पुलिस ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि परीक्षा से पहले व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य माध्यमों से छात्रों तक प्रश्नों की जानकारी पहुंचाई गई, जिससे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता प्रभावित हुई।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की ओर से कोतवाली प्रेमनगर में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को आयोजित परीक्षा के संबंध में विश्वविद्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। इसमें दावा किया गया था कि 3 जुलाई 2026 को एक सहायक प्रोफेसर ने छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में ऐसे महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे, जिनका बाद में वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलान करने पर उल्लेखनीय समानता पाई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एक आंतरिक जांच समिति गठित की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप समूहों पर परीक्षा से जुड़े समान प्रश्न साझा किए गए थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता पर छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने और विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग करने का आरोप है। शिकायत के आधार पर कोतवाली प्रेमनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर जांच में तेजी लाते हुए पुलिस ने दस्तावेजी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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