देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी पहल की है। साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और पीड़ितों की धनराशि को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एसटीएफ ने एक विशेष फॉलोअप टीम का गठन किया है, जो प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करेगी। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर एसटीएफ के अधीन संचालित राष्ट्रीय साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 को और अधिक सक्रिय बनाया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि साइबर ठगी की शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक खातों में पहुंची धनराशि को तत्काल होल्ड कर सुरक्षित रखा जाए, ताकि पीड़ितों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। एसटीएफ के अनुसार मई 2026 के दौरान विभिन्न साइबर ठगी मामलों में फंसी करीब 2.24 करोड़ रुपये की धनराशि को सुरक्षित रखने और आंशिक रूप से वापस कराने में सफलता हासिल हुई है। वहीं नवगठित फॉलोअप टीम के प्रयासों से विभिन्न बैंक खातों में फंसी रकम को न्यायालय से रिलीज आदेश प्राप्त कर संबंधित बैंक नोडल अधिकारियों को भेजा गया, जिसके बाद 7.74 लाख रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए गए। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या अन्य बैंकिंग सुविधाएं किसी दूसरे को उपयोग के लिए न दे। कमीशन या किराये पर बैंक खाता उपलब्ध कराना कानूनन अपराध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने लोगों को ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी। साथ ही अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल, संदिग्ध फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से किए जाने वाले संपर्कों से सावधान रहने को कहा। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर डराने या पैसे मांगने का प्रयास करता है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। देश में कोई भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती। उन्होंने लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं, यूट्यूब लाइक और सब्सक्राइब टास्क, टेलीग्राम आधारित कमाई के ऑफर तथा रकम दोगुनी करने के झांसे से दूर रहने की सलाह दी। एसटीएफ के अनुसार साइबर ठग शुरुआत में छोटे लाभ का लालच देकर विश्वास जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम की ठगी को अंजाम देते हैं। एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही तत्काल 1930 हेल्पलाइन, नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम थाने से संपर्क करें। Post navigation जौनसार-बावर को मिली विकास योजनाओं की सौगात, सीएम धामी ने सड़क, पुल, शिक्षा और पेयजल परियोजनाओं की घोषणा माटी कला बोर्ड में गैर-प्रजापति नियुक्तियों पर बढ़ा विवाद, समाज ने सरकार से पुनर्विचार की मांग की