बेलगाम (कर्नाटक)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महत्वपूर्ण प्रांत प्रचारक बैठक 10, 11 और 12 जुलाई 2026 को कर्नाटक के बेलगाम में आयोजित होगी। यह बैठक संगठनात्मक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है, क्योंकि वर्तमान व्यवस्था के तहत आयोजित होने वाली यह प्रांत प्रचारकों की अंतिम बैठक मानी जा रही है। तीन दिवसीय इस बैठक में संघ के आगामी कार्यक्रमों, संगठन विस्तार, सेवा गतिविधियों, वैचारिक अभियानों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर व्यापक मंथन किया जाएगा। साथ ही संगठन की नई संरचना और कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। बैठक में संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तथा सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर के प्रांत प्रचारक और वरिष्ठ पदाधिकारी भाग लेंगे। संगठन के विभिन्न आयामों की समीक्षा के साथ आगामी वर्षों की रणनीति पर भी चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके बाद संघ की वर्तमान “प्रांत” आधारित संगठनात्मक रचना में परिवर्तन किया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रांत प्रचारकों की बैठकें वर्तमान स्वरूप में आयोजित नहीं होंगी। संघ के भीतर संगठनात्मक परिवर्तन को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य विस्तार और समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बेलगाम की यह बैठक इसी परिवर्तन की दृष्टि से ऐतिहासिक मानी जा रही है। Post navigation राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में नए दावे: विनय कटियार ने उठाए गंभीर सवाल, जांच तेज होने से बढ़ी हलचल पद केवल अधिकार नहीं, उत्तरदायित्व भी है: राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की नैतिक जिम्मेदारी पर एक संपादकीय