लोक सांस्कृतिक महोत्सव में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास के लिए कई अहम घोषणाएं कीं, जनजातीय गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर दिया जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौनसार-बावर क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए सड़क, पुल, शिक्षा और पेयजल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह स्टेडियम, नागथात में आयोजित जौनसार-बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने तथा चकराता ब्लॉक के बागीखेड़ा-कोटा-तपलाड़ मार्ग पर यमुना नदी में 60 मीटर स्पैन पुल निर्माण की घोषणा की।

इसके अलावा क्यारापुल-डामटा-म्यूँडा मोटर मार्ग से छामरी और जाखणी तक सड़क निर्माण, सकरोल से भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्धपीठ श्री महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग निर्माण, खबऊ क्षेत्र में यमुना नदी से पम्पिंग पेयजल योजना तथा जगथान-बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सड़क निर्माण को भी मंजूरी देने की घोषणा की गई। द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग के निर्माण का भी ऐलान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार-बावर की संस्कृति, परंपराएं और सामाजिक मूल्यों ने उत्तराखंड की पहचान को समृद्ध बनाया है। उन्होंने कहा कि रासो, हारूल और बौंद जैसी लोक परंपराएं न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर वहां सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जबकि बाजपुर और चकराता में नए विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है। जनजातीय विद्यार्थियों को प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए एक करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चकराता क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 51 पूरी हो चुकी हैं। शेष योजनाओं को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-707 और 707ए का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पम्पिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये की लागत वाले मास्टर प्लान पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, मधु चौहान, गीता राम गौड़, नरेश चौहान, नरेंद्र तोमर, खुशीराम जोशी, जयपाल सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर, बलवीर सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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