रुद्रप्रयाग। केदारनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति ने नई संशोधित मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब वीआईपी दर्शन के लिए जारी होने वाली विशेष पर्ची मंदिर समिति स्वयं जारी करेगी और इसके लिए प्रति व्यक्ति 1100 रुपये की सहयोग राशि देनी होगी। मंदिर समिति का कहना है कि यह फैसला बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या, लगातार मिल रही शिकायतों और स्थानीय स्तर पर मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन को लेकर अव्यवस्था और विवाद की स्थिति लगातार सामने आ रही थी। विशेष रूप से वीआईपी गेट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने से धक्का-मुक्की जैसी घटनाएं बढ़ रही थीं, जिससे सामान्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन रांगड़ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विशेष दर्शन की अनुमति केवल राज्य सरकार से प्राप्त प्रोटोकॉल सूचना के आधार पर ही दी जाएगी। जिला प्रशासन अथवा मंदिर समिति उसी के अनुरूप वीआईपी दर्शन पर्ची जारी करेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि दर्शन के लिए जमा की जाने वाली 1100 रुपये की राशि की विधिवत रसीद भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि राज्य अतिथियों और उनके परिवारों को इस शुल्क से छूट दी गई है। मंदिर समिति ने यह भी साफ किया है कि यदि कोई कर्मचारी या संबंधित कार्मिक निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, चारधाम यात्रा के दौरान इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच रहे हैं। ऐसे में सामान्य श्रद्धालुओं और वीआईपी व्यवस्थाओं के बीच संतुलन बनाना प्रशासन और मंदिर समिति के लिए चुनौती बनता जा रहा था। कई श्रद्धालुओं ने आरोप लगाए थे कि वीआईपी दर्शन के कारण आम भक्तों की लंबी कतारें प्रभावित हो रही हैं। नई एसओपी को इसी समस्या के समाधान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। मंदिर समिति का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद दर्शन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी, भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और सामान्य श्रद्धालुओं के दर्शन भी पहले की तुलना में अधिक सुचारु रूप से हो सकेंगे। Post navigation विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस से पहले उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा पर बड़ा फोकस, दूसरी फूड टेस्टिंग लैब 7 जून को होगी लोकार्पित सरकार पहले उपनल संविदा कर्मियों को दे न्यूनतम वेतनमान : हाईकोर्ट