रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध तुंगनाथ धाम में एक तीर्थयात्री द्वारा स्थानीय घोड़ा-खच्चर संचालक के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। मारपीट में संचालक के सिर पर गंभीर चोट आई है, जबकि स्थानीय लोगों ने दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तुंगनाथ यात्रा मार्ग पर किसी बात को लेकर एक तीर्थयात्री और घोड़ा-खच्चर संचालक के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और तीर्थयात्री ने संचालक के साथ मारपीट कर दी। घटना में संचालक घायल हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नाराजगी जताई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तराखंड अपनी धार्मिक आस्था, संस्कृति और ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा के लिए जाना जाता है। लेकिन हाल के समय में कुछ बाहरी लोगों द्वारा स्थानीय नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार और हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है।

सामाजिक कार्यकर्ता राजेश नेगी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि चारधाम और अन्य धार्मिक यात्राओं के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, हिंसा अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

राजेश नेगी ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड की छवि और धार्मिक स्थलों की गरिमा को भी नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर यह स्पष्ट संदेश देने की मांग की कि प्रदेश में कानून और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

वहीं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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