गामा और दिनेश अग्रवाल के बाद अब रविंद्र जुगराण की एंट्री, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के सामने बढ़ी चुनौती “दावेदारी का सबको अधिकार, पार्टी जिताऊ प्रत्याशी पर करेगी भरोसा” — गणेश जोशी देहरादून/मसूरी। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही प्रदेश की वीआईपी सीट मानी जाने वाली मसूरी विधानसभा का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी के भीतर इस सीट को लेकर दावेदारों की लंबी कतार सामने आने लगी है। इसी क्रम में प्रख्यात राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र जुगराण ने मसूरी विधानसभा सीट से अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर राजनीतिक चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है। रविंद्र जुगराण की आधिकारिक एंट्री के बाद राजधानी देहरादून से लेकर मसूरी तक राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। भाजपा के भीतर टिकट को लेकर अब मुकाबला बेहद रोचक और बहुकोणीय होता दिखाई दे रहा है। मसूरी सीट पर दिग्गजों की बढ़ती दावेदारी मसूरी विधानसभा सीट पहले से ही भाजपा के कई बड़े नेताओं की महत्वाकांक्षाओं का केंद्र बनी हुई है। इससे पहले पूर्व मेयर सुनील उनियाल ‘गामा’ अपनी दावेदारी जता चुके हैं, जबकि पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल भी लगातार इस सीट पर सक्रिय माने जा रहे हैं। अब रविंद्र जुगराण के मैदान में उतरने से राजनीतिक समीकरण और अधिक दिलचस्प हो गए हैं। इन लगातार बढ़ती दावेदारियों को मौजूदा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। गणेश जोशी लगातार तीन बार मसूरी विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। हालांकि पार्टी के भीतर बढ़ती सक्रियता ने इस बार टिकट को लेकर चर्चाओं को और गर्म कर दिया है। गणेश जोशी बोले— “भाजपा में सभी को दावेदारी का अधिकार” मसूरी सीट पर बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक कार्यकर्ता और नेता को अपनी दावेदारी रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है और पार्टी नेतृत्व हमेशा ऐसे प्रत्याशी को प्राथमिकता देता है जिसकी जनता के बीच मजबूत पकड़ और जीत की क्षमता हो। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व उनके कार्यों और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए पुनः उन पर भरोसा जताएगा। “मसूरी मेरी जन्मभूमि, 36 वर्षों से जनता के बीच सक्रिय” — रविंद्र जुगराण अपनी दावेदारी को लेकर रविंद्र जुगराण ने देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि उनका जन्म मसूरी में हुआ है और वे पिछले 36 वर्षों से सामाजिक कार्यकर्ता एवं एक्टिविस्ट के रूप में लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे किसी भी दल की रही हो, उन्होंने हमेशा जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया और जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम किया। जुगराण ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी का टिकट कटवाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां जमीनी कार्यकर्ताओं और नए चेहरों को अवसर दिया जाता है। उन्हें उम्मीद है कि पार्टी हाईकमान इस बार उनकी कार्यशैली और जनसंपर्क को ध्यान में रखते हुए उन्हें मौका देगा। मसूरी के लिए रखीं विकास की प्राथमिकताएं रविंद्र जुगराण ने कहा कि यदि पार्टी उन्हें अवसर देती है तो वे मसूरी और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम करेंगे। उनकी प्राथमिकताओं में स्थानीय लोगों के लिए व्यवस्थित आवासीय कॉलोनियों का निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार तथा पर्यटन नगरी मसूरी में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना शामिल है। उन्होंने कहा कि मसूरी के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में रहेगा। भाजपा में टिकट को लेकर बढ़ी हलचल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मसूरी विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा के भीतर टिकट को लेकर मुकाबला पहले की तुलना में कहीं अधिक दिलचस्प हो सकता है। एक ओर संगठन और सरकार में मजबूत पकड़ रखने वाले गणेश जोशी हैं, तो दूसरी ओर नए समीकरणों के साथ सक्रिय हुए कई बड़े चेहरे भी मैदान में दिखाई दे रहे हैं। अब सबकी निगाहें भाजपा हाईकमान और संगठन के आगामी राजनीतिक संकेतों पर टिक गई हैं। जनता के बीच भी तेज हुई चर्चा मसूरी विधानसभा सीट पर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच जनता के बीच भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या भाजपा इस बार नए चेहरे पर दांव लगाएगी या फिर अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा कायम रखेगी। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि आगामी चुनावों में मसूरी विधानसभा उत्तराखंड की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीटों में शामिल रहने वाली है। Post navigation शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, सैकड़ों लोगों ने किया रामकथा रसपान देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में भीषण अग्निकांड