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नई शिक्षा नीति में इंडियन, इंटरनेशनल, इंपैक्टफुल, इंटरएक्टिव और इंक्लूसिविटी के तत्वों का समावेशः निशंक

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) सिलचर के 18वें वार्षिक दीक्षांत समारोह के अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में ग्लोबल माइंड सेट के साथ हमारी यह नीति इंडियन, इंटरनेशनल, इंपैक्टफुल, इंटरएक्टिव और इंक्लूसिविटी के तत्वों को एक साथ समाहित करती है, जो हमारी स्टडी इन इंडिया की मुहिम को ओर गति प्रदान करेगी।

उन्होंने  कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को ज्ञान, विज्ञान एवं तकनीकी हब बनाने का है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के मिशन को साकार करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधानों, प्रौद्योगिकी तथा नवा चारों पर विशेष बल देती है, जिसमें एनआईटी जैसे संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत द्वारा अनुसंधान और विकास की दिशा में किये गए कामों के बारे में बात करते हुए डॉ निशंक ने कहा, भारत हमेशा से ज्ञान, विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रयास करता रहा है।

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह प्रत्येक छात्र, अभिभावक तथा शिक्षक के लिए बेहद अहम क्षण होता है। दरअसल दीक्षांत के पश्चात ही छात्र की असली परीक्षा प्रारंभ होती है जहां उसे संस्थानों में पाए सैद्धांतिक ज्ञान का व्यवहारिक जीवन में उपयोग करना होता है। एनआईटी सिलचर वर्ष 2002 से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का दर्जा प्राप्त करने के बाद से ही निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मुझे खुशी है कि वर्ष 2020 की एनआईआरसफ रैंकिंग में इंजीनियरिंग श्रेणी के तहत इस संस्थान ने 46वां स्थान हासिल किया है ।
हमारी सरकार तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए बेहद सचेत तथा सतर्क है। इस दिशा में बदलाव की आशा लिए हम वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर टीईक्यूआईपी जैसा प्रोग्राम भी चला रहे हैं जिसके अनुदान की मदद से एनआईटी सिलचर विभिन्न परियोजनाओं तथा नवाचारी गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। एनआईटी सिलचर ने अपनी सोशल रिस्पांसिबिलिटी समझते हुए उन्नत भारत योजना के तहत असम के 5 गांवों (मधुटीला, बाबूटीला, फकीरटीला, बरखाई और घुंघरू) को गोद लिया है तथा इन गांव को प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने के लिए विभिन्न जागरूकता अभियान भी संचालित कर रहा है। नई शिक्षा नीति मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के मिशन को साकार बनाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधानों, प्रौद्योगिकी तथा नवा चारों पर विशेष बल देती है जिसमें एनआईटी जैसे संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि आज उपाधि प्राप्त विद्यार्थी हमारे इस मिशन के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे। एनआईटी सिलचर(असम) के 18वें दीक्षांत समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल भी उपस्थित रहे।

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