नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अब स्वदेशी सामान आसानी से मिलेगा। भारत सरकार की नई पहल के तहत ऐसे प्रावधान किये जा रहे है। मंत्रालय का कहना है कि पैकेज्ड सामानों में कंट्री ऑफ ओरिजिन लिखने की अनिवार्यता पहले से है। नए नियम सिर्फ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सर्च फिल्टर के लिए लाया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि इससे डिजिटल मार्केटप्लेस से शॉपिंग करने वाले यूजर्स को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि सामान कहां बना है। इससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और लोकल मैन्युफैक्चर्स को मदद मिलेगी।
ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर स्वदेशी सामान खोजना आसान होने वाला है। डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर 2011 के लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स संशोधन के जरिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पैकेज्ड सामानों के लिए कंट्री ऑफ ओरिजिन का फिल्टर अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है। इस फिल्टर के आने के बाद शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट सर्च कर रहे कस्टमर के लिए यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि सामान किस देश में बना है। यह प्रस्ताव पास हो गया तो नए नियम 2026 से लागू हो सकते हैं।
