नई दिल्ली (हि.स.)। 2016 में नोटबंदी के दौरान जमा नहीं हो पाए नोटों को बदलने की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक को नोटिस जारी किया है। जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया। याचिका एजेएआई एक्जिम कंपनी के प्रोपराइटर के रमन ने दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने 30 दिसंबर, 2016 तक पुराने नोट जमा करने देने की बात कही थी लेकिन 30 दिसंबर, 2016 को तमिलनाडु के तिरपुर में तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक की शाखा ने उन्हें 1 करोड़ 17 लाख से ज्यादा के नोट जमा करने से रोक दिया। इसके लिए उन्होंने रिजर्व बैंक से भी शिकायत की लेकिन रिजर्व बैंक ने उनकी कोई मदद नहीं की। इससे उनके कारोबार को गहरा नुकसान पहुंचा। याचिका में कहा गया कि 2017 में याचिकाकर्ता के खिलाफ चेक बाउंस के केस दर्ज हो गए। उन्होंने कहा कि वे जो पैसे जमा कर रहे थे, वे दूसरी कंपनियों को चुकाने थे, जिसके लिए उन्होंने चेक जारी किया था। पैसे जमा नहीं होने की वजह से उनके खिलाफ चेक बाउंस के केस दर्ज हो गए। याचिका में कहा गया कि रिजर्व बैंक ने 2019 में उनकी शिकायत का जवाब देते हुए उन्हें पुराने नोट जमा करने की अनुमति नहीं दी। याचिका में रिजर्व बैंक को एक करोड़ 17 लाख रुपये उनके खाते में जमा करने का दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई है। हिन्दुस्थान समाचार Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation चिन्मयानंद केस: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लड़की को अदालत में पेश किया जाए तेलंगाना : कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी के खिलाफ गैर जमानती वारंट