देहरादून। राजधानी देहरादून के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा संचालित किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने कनक चैक पर धरना प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने परेड मैदान से जुलूस निकाला। जिसके बाद पुलिस ने सुभाव रोड पर जुलूस को रोक दिया। इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश कांग्र्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया। प्रदर्शन के चलते शहर में कोई भी ई-रिक्शा नहीं चला। यह निर्णय रविवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में हुई ई-रिक्शा संचालकों की सभा में लिया गया। इस दौरान ई-रिक्शा संचालकों ने 20 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन भी किया। समिति का संरक्षक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को बनाया गया है। कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि बीते डेढ़ महीने से ई-रिक्शा चालकों-संचालकों के सामने रोटी रोजी का संकट है, लेकिन सरकार की कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। शहर की सभी सीटों राजपुर, रायपुर, कैंट, मसूरी और धर्मपुर पर सत्ताधारी भाजपा के विधायक हैं, लेकिन किसी ने आज तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं करवाई। धस्माना ने आरोप लगाया कि पहले सरकार व परिवहन विभाग ने बिना कोई नीति-नियम बनाए तीन हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चलवा दिए। अब यातायात की समस्या बता कर अचानक संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया। धस्माना ने कहा कि जब पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहन का चलन बढ़ रहा है, ऐसे में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगाना औचित्यपूर्ण नहीं है। Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation मारुति सुजुकी ने त्योहारों से ठीक पहले लांच की अपनी मिनीएसयूवी एस-प्रेसो 25 रेलवे स्टेशनों को प्लास्टिक फ्री करने का आदेश