देहरादून। वर्तमान परिवेश में श्रीमद्भागवत गीता के उपदेशों के अध्ययन की आवश्यकता विषय पर गुरुवार को देवभूमि विचार मंच देहरादून उत्तराखंड के तत्वावधान में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ शीला टावरी शिक्षाविद् तथा गीता प्रचारक तथा अन्य वक्ता के रूप में डॉ. एके बियानी, पूर्व प्राचार्य डीबीएस कॉलेज तथा डा. अंजलि वर्मा प्रांत सह संयोजक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की तथा भगवती प्रसाद राघव प्रज्ञा प्रवाह पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने विचार व्यक्त किये। डॉ. शीला टावरी ने श्रीमद्भागवत गीता की महत्ता और वर्तमान परिवेश में उनके उपदेशों की समाज में आवश्यकता विषय पर अपने उद्बोधन में विस्तृत रूप से चर्चा की। डॉ बियानी ने भगवत गीता को युवा व्यक्तित्व के विकास के माध्यम के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन रीना चंद्र ने किया। इस अवसर पर डॉ अलका जोशी डॉ निशा रानी डॉक्टर चैतन्य भंडारी डॉक्टर एकता डॉक्टर एम एम गोसाई, डॉ अनीता चौहान, डॉ रवि दीक्षित आदि उपस्थित रहे। Post navigation केदारनाथ में हेली सेवा का रास्ता साफ, वन विभाग ने सशर्त दी अनुमति उत्तराखंड में संक्रमित मामलों की रिकवरी दर 87.85 फीसदी