उत्तराखंड

मोदी ने 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर प्रदेश को सौगात दी

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को परेड ग्राउंड से राज्य को 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर प्रदेश को सौगात दी। इसमें लगभग 8300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा शामिल है। पीएम नरेंद्र मोदी वायु सेना के विमान से करीब 12ः50 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां भाजपा नेताओं व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, डीजीपी अशोक कुमार और मुख्य सचिव एस एस संधू ने उनका स्वागत किया।

परेड ग्राउण्ड में आयोजित रैली में मोदी ने स्थानीय भाषा में अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का सभी दाणा सयानो, दीदी भूलियो, चची और भय बहणों, आप सभी छ मेरा प्रणाम।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पूरी देश की आस्था ही नहीं, बल्कि कर्म और कठोरता की भी भूमि है। आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है वे इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि आज की सरकार किसी देश के दबाव में काम नहीं करती। 10 साल तक देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर घोटाले हुए। हम दिन रात मेहनत करके आज भी उनकी भरपाई करने में जुटे हुए हैं। पिछली सरकार ने देश का, उत्तराखंड का समय बर्बाद किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पहाड़, हमारी संस्कृति, आस्था के गढ़ तो हैं ही, ये हमारे देश की सुरक्षा के भी किले हैं। पिछली सरकारों ने वन रैंक, वन पेंशन की अनदेखी की। बॉर्डर के पास सड़कें और पुल बनें, इस ओर पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। सेना को निराश करने का काम किया। आज सेना गोली का जवाब, गोली से देती है। उन्होंने कहा कि आज मैं यह कह सकता हूं कि उत्तराखंड का पानी और जवानी यहीं के काम आएंगे। इसके अलावा पीएम ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल भेद करके एक तबके के लिए वोटबैंक की राजनीति करते हैं जबकि हम सभी के लिए योजनाएं बनाते हैं। हमारा मार्ग कठिन जरूर है लेकिन हम देशहित में काम करते हैं। पहले की सरकारों ने सोची समझी रणनीति के तहत जनता को ताकतवर नहीं बनने दिया। हमने इस अप्रोच से अलग रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है जो उत्तराखंड हासिल नहीं कर सकता। ऐसा कोई संकल्प नहीं है जो यहां सिद्ध नहीं हो सकता।

पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड का विकास डबल इंजन की सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बीते 5 वर्षों में उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। यहां की सरकार इन्हें धरातल पर उतार रही है। इसी को आगे बढ़ाते हुए आज 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण किया गया है। बीते वर्षों की कड़ी मेहनत व अनेक प्रक्रिया से गुजरने के बाद ये दिन आया है। मैंने केदारपुरी के बाद देहरादून से दोहरा रहा हूं। ये परियोजनाएं इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाएंगी। जो लोग पूछते हैं कि डबल इंजन की सरकार का क्या फायदा है, वह देख सकते हैं, कैसे ये सरकार विकास की गंगा बहा रही है।

पीएम ने कहा कि दस साल में देश मे जो घोटाले हुए, उसकी भरपाई के लिए हम दोगुनी रफ्तार से काम कर रहे हैं। आज भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर दो लाख करोड़ से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की नीति दोगुनी तेजी से काम करने की है। 21वीं सदी के इस कालखंड में कनेक्टिविटी का एक ऐसा महायज्ञ चल रहा है जो भारत को विकसित देशों की संख्या में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2007 से 2014 के बीच केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में 600 करोड़ रुपये के केवल 288 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया। जबकि हमारी सरकार ने अपने 7 वर्षों में उत्तराखंड में 12,000 करोड़ रुपये के 2,000 किलोमीटर से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है। कोरोनकाल में उत्तराखंड में 50 से अधिक नए ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। आज प्रदेश मे नए मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, भावी पीढ़ी के भविष्य को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पांच साल पहले मैंने कहा था, जो कहा था, उसको याद करने की ताकत राजनेताओं में जरा कम होती है। मुझमें है। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि उत्तराखंड का पाणी और जवानी उत्तराखंड के काम ही आली। एक समय पहाड़ पर रहने वाले लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का सपना ही देखते थे। हमें कब सड़क मिलेगी, बिजली मिलेगी, कब स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, लेकिन जब कुछ करने का जुनून हो तो सूरत भी बदलती है और सीरत भी बदलती है। आज सरकार इस बात का इंतजार नहीं करती की लोग समस्या लेकर आएंगे। आज सरकार सीधे नागरिकों के पास जाती है। एक समय था कि उत्तराखंड में सवा लाख घरों में नल से जल पहुंचता था। आज सात लाख से ज्यादा घरों में जल पहुंच रहा है। पूर्व की सरकारों ने हर स्तर पर सेनाओं को निराश करने की कसम खाई हुई थी लेकिन हमारी सरकार दुनिया के किसी देश के दबाव में नहीं आती।

पीएम ने कहा कि देवभूमि में श्रद्धालु भी आते हैं। उद्यमी भी आते हैं। प्रकृति प्रेमी सैलानी भी आते हैं। इसजलिए यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व काम किया जा रहा । ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत आज चारधाम यात्रा आसान हो रही है। केदारनाथ त्रासदी से पहले 2012 में 570000 लोगों ने दर्शन किया था और यह उस समय का एक रिकॉर्ड था। जबकि कोरोना कॉल शुरू होने से पहले 2019 में 10 लाख से ज्यादा लोग केदारनाथ जी के दर्शन करने पहुंचे।

पीएम ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे हमारे विकास के मॉडल का भी प्रमाण होगा। इसमें एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी बनेगा। पहले जब भी मैं उत्तराखंड आता था याद रखना आने-जाने वालों से मिलता था वह हमेशा कहते थे मोदी जी दिल्ली से देहरादून की यात्रा गणेशपुर तक तो आसानी से हो जाती है, लेकिन गणेशपुर से देहरादून तक बड़ी मुश्किल होती है आज मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो दिल्ली से देहरादून आने में जो समय लगता है वह करीब करीब आधा हो जाएगा। इससे ना केवल देहरादून के लोगों को फायदा पहुंचेगा बल्कि हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली बागपत और मेरठ जाने वालों को भी सुविधा होगी। समय के साथ हमारे देश की राजनीति में कईं विकृतियां आ गई हैं। कुछ राजनीतिक दल समाज मे किसी खास धर्म, जाति या अपने इलाके की तरफ ध्यान देते हैं। उसमें उन्हें वोटबैंक नजर आता है। इन दलों ने एक और तरीका अपनाया है। जनता को मजबूत नहीं होने देना। वह चाहते रहे कि जनता हमेशा मजबूर बनी रहे। जनता को अपना मोहताज बनाओ, ताकि उनका ताज महफूज रहे। उन दलों के सभी प्रयास इसी दिशा में हुए। हमने एक नया रास्ता चुना है, वह मार्ग कठिन है लेकिन देशहित में है। सबका साथ, सबका विकास हमारा मार्ग है। हम जो भी योजना लाएंगे, सबके लिए लाएंगे। बिना भेदभाव के लाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड भविष्य और भाजपा की चुनावी चुनौती से पार पाने के लिए मंत्र फूकेंगे। वे अपने तरकश से विपक्ष को असहज करने वाले तीर भी छोड़ सकते हैं। पौने दो महीने के दौरान पीएम मोदी ने तीसरी बार शनिवार को उत्तराखंड आएंगे। इससे पहले वह जब ऋषिकेश और फिर केदारनाथ में आए तो ये दोनों दौरे सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब केदारनाथ की यात्रा पर आए थे, उस दौरान एक जनसभा में उन्होंने 2025 तक प्रदेश को नया उत्तराखंड बनाने का सपना दिखाया था। उन्होंने कहा कि अगला दशक उत्तराखंड का होगा। उस वक्त उन्होंने संकेतों और प्रतीकों में अपनी प्राथमिकता बताई थी। लेकिन शनिवार की जनसभा में वह उत्तराखंड के भविष्य की योजनाओं का और अधिक खुलासा कर सकते हैं।

 शनिवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष का नाम लिए बगैर उन पर हमले भी बोले। अपने लगभग 47 मिनट के भाषण में मोदी ने परोक्ष रूप में चीन और पाकिस्तान को भी चेताया। कहा कि आज सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में सैकड़ों किमी नई सड़कें बनी हैं। मौसम की विकट परिस्थितियों में इनमें तेजी से काम हुए और आतंकियों को मुहं तोड़ जवाब दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय के साथ हमारे देश की राजनीति में अनेक प्रकार की विकृतियां आ गई हैं। कुछ राजनीतिक दल समाज में विकृति कर किसी खास धर्म, जाति या अपने इलाके की तरफ ध्यान देते हैं। उन्हें इनमें वोट बैंक नजर आता है। इन दलों ने एक और तरीका अपनाया है और जनता को मजबूत नहीं होने देना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि जनता हमेशा मजबूर बनी रहे। जनता को अपना मोहताज बनाओ, ताकि उनका ताज सलामत रहे।

उन दलों का यही प्रयास रहा कि जनता को अनाश्रित बना कर रखो और जनता-जनार्दन को ताकतवर नहीं बनने देना है, जैसे की लोगों को लगे कि सरकार ही उनकी माई बाप है। मोदी ने कहा कि हमने एक नया रास्ता चुना है, वह मार्ग कठिन है लेकिन देशहित में है। सबका साथ, सबका विकास ही हमारा मार्ग है। हम जो भी योजना लाएं हैं, उनमें कोई भेदभाव नहीं है और सभी के लिए योजनाएं लाएं हैं। हमने वोट बैंक की राजनीति को कभी आधार नहीं बनाया। सिर्फ सेवा व समपर्ण को को आधार बनाया। कहा कि जब हमारा देश मजबूत होगा तो हर परिवार भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई सरकार के समय देश में इंफ्रा प्रोजेक्ट शुरू किए गए थे। इसके बाद देश में दस साल ऐसी सरकार रही जिसने इंफ्रा प्रोजेक्ट पर देश का बहुमूल्य समय खराब किया। तब इंफ्रा प्रोजेक्ट के नाम पर घोटाले हुए। तब की सरकार की एक ही नीति थी कि अपना घर भरना ओर अपनों का ख्याल रखना। लेकिन अब उन्होंने इसकी भरपाई करते हुए दोगुनी ताकत से काम किया। इस समय देश में एक सौ लाख करोड रुपए का निवेश इंफा प्रोजेक्ट पर कर रहा है। सालों लटकने वाली परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। इस मामले में देश जल्द ही विकसित देशों की भूमिका में आ जाएगा। मोदी ने कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला साधा और कहा को जो देशभर में बिखर रहे हैं, वे उत्तराखंड को निखार नहीं सकते हैं। डबल इंजन की सरकार में उत्तराखंड में तेजी के साथ विकास हुआ। इसी विश्वास के साथ एक बार फिर देवभूमि आया हूं। उन्होंने कहा कि जब कुछ करने का जुनून होता है तो सूरत भी बदलती है और सीरत भी बदलती है। सरकार देश की जनता के सपना को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है और देश को आत्मनिर्भरता की तरफ आगे बढ़ा रही है।

मोदी ने कहा कि हम आपको आश्रित नहीं आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं, हमारा अन्नदाता, ऊर्जा दाता भी बने, इसके लिए योजना लाए। खेत के किनारे मेढ़ पर सोलर परियोजना लगाकर बिजली पैदा करने की सुविधा दी, ताकि उसे किसी पर आश्रित न रहना पड़े। किसानों के इस प्रयास से उन्हें बिजली भी मिली और देश पर बिजली का भार नहीं आया। देशभर में उजाला योजना के तहत एलईडी बल्ब भी दिए गए। पहले घरों के बिल 300-400 रुपये तक आते थे, आज 40 से 50 रुपये तक आ रहे हैं। इससे हर घर में बिजली का बिल भी कम हुआ है। इसी तरह मोबाइल फोन और इंटरनेट सस्ता किया। गांव-गांव में कामन सर्विस सेंटर खोले हैं। इससे गांव के आदमी को भी रेलवे का रिजर्वेशन के लिए शहर नहीं जाना पड़ा।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *