उत्तराखंड

उत्तराखंड़ कैबिनेट ने 09 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मोहर लगाई

देहरादून। उत्तराखंड़ कैबिनेट ने 09 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मोहर लगाई।  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल के नियमों की जानकारी आज कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दी। सरकार ने कोविड प्रभाव को देखते हुए लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत एवं लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह-ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को एक वर्ष की छूट सीमा दी गई है। युवाओं को रोज़गार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से श्रीनगर, देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के लिए कुल 501 पद सृजित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त श्रीनगर सुपर स्पेशलीटी पर 44 पद स्पेशलिस्ट के होंगे।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को शामिल किया जाएगा। ₹4,000 से कम आय वालों को अंत्योदय योजना में और ₹15,000 आय से कम को प्राथमिक परिवार योजना में शामिल करते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अन्तर्गत रखा जायेगा।

कैम्पा अधिसूचना के अन्तर्गत प्राधिकरण के वार्षिक लेखा वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15,2015-16, 2016-17 को विधानमण्डल के पटल पर रखा जायेगा।

उत्तराखण्ड वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग में 2 वर्ष की दैनिक श्रम अवधि सेवा को समयमान वेतनमान/एसीपी को जोड़ने के लिये विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में उपसमिति का गठन किया गया जिसमें वित्त और न्याय विभाग के अधिकारी होंगे। उच्च न्यायालय के अधीन परिवहन विभाग के कर्मचारियों को वेतन इत्यादि विषय के सम्बन्ध में एकमुश्त सहायता के लिये मुख्यमंत्री को निर्णय लेने के लिये अधिकृत किया गया है। जनपद देहरादून स्थित राजकीय रेशम फार्म विकासनगर एवं रेशम फार्म अम्बाड़ी की भूमि को लखवाड़ व्यासी जल विद्युत परियोजना हेतु आवंटित 14.50 एकड़ भूमि को निरस्त किया गया है। अब यह भूमि रेशम विभाग के पास रहेगी।

जिला बार एसोसिएशन बागेश्वर को जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता चैम्बर्स निर्माण हेतु न्याय विभाग की 40.80 वर्ग मीटर की भूमि नि:शुल्क लीज पर दी जायेगी।

देहरादून महायोजना-2025 के जोनल प्लान में सरकारी भवनों के भवन निर्माण के लिये भूमि पर छूट का प्रावधान सभी राष्ट्रीय दलों पर भी लागू होगा।

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