हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) की एक छात्रा द्वारा विश्वविद्यालय के एक शिक्षक पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की जांच कर विस्तृत आख्या निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए हैं। जानकारी के अनुसार छात्रा ने महिला आयोग को भेजी शिकायत में संबंधित शिक्षक पर मानसिक उत्पीड़न, अनुचित व्यवहार तथा अपने पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि शिक्षक के कथित व्यवहार से वह लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान है और न्याय की अपेक्षा रखती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग की सदस्य-सचिव की ओर से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र जारी किया गया है। पत्र में शिकायत की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और 25 जून 2026 से पूर्व आयोग को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आयोग का कहना है कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, खबर लिखे जाने तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। Post navigation द्वाराहाट में चलते-चलते कार में लगी आग, देखते ही देखते जलकर हुई राख भारत में गहराता जल संकट: 2050 तक आधे से ज्यादा जिलों में पानी की भारी किल्लत का खतरा, अर्थव्यवस्था पर भी मंडरा रहा संकट