कैंचीधाम (नैनीताल )। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस मेले से ठीक एक दिन पहले बड़ा विवाद सामने आया है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात दो पुलिस सिपाहियों पर एक होम स्टे संचालक की बेटी से कथित छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि युवती द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपों से नाराज लोगों ने दोनों सिपाहियों को पकड़ लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस चौकी तक पहुंच गए। इस दौरान चौकी के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस पुलिस बल को श्रद्धालुओं और क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसी पर इस तरह के आरोप लगना बेहद गंभीर मामला है। लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

स्थापना दिवस मेले की तैयारियों के बीच बढ़ा विवाद

हर वर्ष 15 जून को आयोजित होने वाला कैंचीधाम स्थापना दिवस मेला देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माना जाता है। मेले को लेकर प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाएं लागू की हुई हैं।

हालांकि, इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की अन्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मेले से कई दिन पहले ही क्षेत्र में अत्यधिक प्रतिबंध लागू कर दिए गए, जिससे आम लोगों, पर्यटकों और व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यातायात प्रतिबंधों को लेकर भी नाराजगी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थापना दिवस से तीन दिन पहले ही कैंचीधाम क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए। इससे व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ा है और श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि पहले कभी स्थापना दिवस से इतने दिन पहले इस प्रकार की सख्त व्यवस्था नहीं की गई थी। उनका आरोप है कि प्रशासनिक प्रतिबंधों के कारण क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात महसूस हो रहे हैं।

पुलिस प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंजूनाथ टीसी ने तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या आपत्तिजनक आचरण को बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचने की अपील भी की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कैंचीधाम जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से पहले पुलिस और जनता के बीच पैदा हुआ यह तनाव प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं प्रशासन का दावा है कि मेले के सफल आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले से पहले सामने आया यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर युवती द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी ओर स्थानीय लोगों की नाराजगी और पुलिस प्रशासन पर उठ रहे सवाल। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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