देहरादून। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने वर्षों से चली आ रही अटैचमेंट व्यवस्था पर बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में संबद्ध (अटैच) किए गए अधिकारी और कर्मचारी अब अपने मूल तैनाती स्थल पर वापस लौटेंगे। आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों को वेतन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जून 2026 से अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन उनके मूल तैनाती स्थल पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा। विभाग ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री के निर्देश के बाद विभाग सक्रिय हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से अटैच चल रहे कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थलों पर भेजा जाए, ताकि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई। जिलों और मंडलों को भेजे गए निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने सभी मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश जारी कर कहा है कि उनके अधीन कार्यरत संबद्ध अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी विलंब के अपने मूल कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, चिकित्सा अधीक्षकों और आहरण-वितरण अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। वर्षों से बना हुआ था मुद्दा स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट का मामला लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। कई कर्मचारी और अधिकारी मूल तैनाती स्थल से अलग स्थानों पर वर्षों से कार्यरत हैं। सरकार का मानना है कि इससे कई अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मानव संसाधन की कमी पैदा हुई है, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। यही वजह है कि सरकार अब इस व्यवस्था को खत्म कर कर्मचारियों की तैनाती को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। वेतन को बनाया गया अनुपालन का आधार विभाग ने आदेश में साफ कर दिया है कि जून 2026 और उसके बाद का वेतन केवल उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलेगा, जो अपने मूल तैनाती स्थल पर उपस्थित होकर कार्य करेंगे। इससे आदेशों के पालन को सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले के बाद प्रदेशभर में अटैच कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अपने मूल कार्यस्थलों पर लौटते नजर आएंगे। Post navigation देहरादून में आधी रात प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सरकारी जमीन से हटाई गई अवैध मजार जलवायु परिवर्तन से निपटने को ‘खेत बचाओ अभियान’ बना जनआंदोलन