यूपी एटीएस और एसटीएफ की कार्रवाई से मचा हड़कंप, रुड़की के युवक की गिरफ्तारी पर परिवार ने उठाए सवाल

हरिद्वार। उत्तर प्रदेश एटीएस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े कथित नेटवर्क का खुलासा होने के बाद उत्तराखंड समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में रुड़की कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ढंडेरा निवासी 22 वर्षीय मुशर्रफ का नाम सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

हालांकि मुशर्रफ के परिवार ने उसकी गिरफ्तारी पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसे पूरी तरह बेगुनाह बताया है। परिवार का दावा है कि उसके साथ काम करने वाले दूसरे आरोपी द्वारा मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जाने के कारण उसे इस मामले में फंसाया गया है।

तहरीक-ए-तालिबान नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप

लखनऊ एटीएस ने बुधवार को तहरीक-ए-तालिबान से जुड़े कथित नेटवर्क के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहारनपुर के थाना सरसावा क्षेत्र के ग्राम ढीक्का निवासी मेहकाब और शाहरुख, मुजफ्फरनगर निवासी गगनदीप उर्फ गुरु सिंह तथा रुड़की के ग्राम ढंडेरा निवासी मुशर्रफ के रूप में हुई है।

एटीएस और एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच में जुट गई हैं।

परिवार बोला- “मुशर्रफ का आतंकी गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं”

मुशर्रफ के परिवार ने मीडिया के सामने आकर उसकी गिरफ्तारी पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का कहना है कि मुशर्रफ मजदूरी और वेल्डिंग का काम करता है तथा उसका किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है।

परिजनों के मुताबिक करीब एक वर्ष पहले काम के सिलसिले में उसकी मुलाकात सहारनपुर निवासी आरोपी मेहकाब से हुई थी। इसके बाद दोनों साथ में वेल्डिंग का कार्य करने लगे।

“मोबाइल फोन के इस्तेमाल से फंसाया गया”

मुशर्रफ के पिता मुबारिक राव ने कहा कि मेहकाब अक्सर उनके बेटे का मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह किससे बातचीत करता है या किन लोगों के संपर्क में है।

उन्होंने कहा,
“मेरा बेटा अनपढ़ और सीधा-सादा है। उसे किसी आतंकी गतिविधि की जानकारी तक नहीं है। उसके मोबाइल का इस्तेमाल कर उसे फंसा दिया गया है।”

परिवार का दावा है कि जांच एजेंसियों को मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल करनी चाहिए।

गांव में चर्चा और लोगों में चिंता

घटना के बाद ग्राम ढंडेरा में भी माहौल चर्चा और चिंता का बना हुआ है। स्थानीय लोग इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग जांच एजेंसियों की कार्रवाई को गंभीर सुरक्षा मामला बता रहे हैं, जबकि कई लोग जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कह रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रहीं डिजिटल और नेटवर्क कनेक्शन

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और आपसी संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित नेटवर्क का संबंध किन लोगों और संगठनों से जुड़ा हुआ है।

फिलहाल एटीएस और एसटीएफ की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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