365 दिन रोजगार और मूल वेतन पर डीए की मांग को लेकर गरजे जवान देहरादून। प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों ने गुरुवार को अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष नवीन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में प्रदेशभर से आए पीआरडी जवानों ने विभागीय मंत्री रेखा आर्य के आवास की ओर कूच किया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान जवानों ने “पीआरडी एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए और सरकार से अपनी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कई जवान बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। जवानों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने प्रदर्शनकारी जवानों को शांत कराने का प्रयास किया और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही, लेकिन जवान उनकी बातों से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। बाद में कैंट क्षेत्र के सीओ ने जवानों को आश्वासन दिया कि शुक्रवार, 29 मई 2026 को सुबह 11 बजे उनकी वार्ता पूर्व निदेशक एवं वर्तमान जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान से कराई जाएगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद जवान शांत हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपने धरना स्थल एकता विहार लौट गए। जवानों की प्रमुख मांगें पीआरडी जवानों को वर्षभर यानी 365 दिन नियमित रोजगार दिया जाए। होमगार्ड की तर्ज पर मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता (डीए) दिया जाए। प्रदर्शन में जिला महासचिव पवन किशोर बहुगुणा, प्रदेश संयोजक किशन सिंह रावत, प्रदेश संयोजक प्रमोद मंद्रवाल, मीडिया प्रभारी विनोद तोमर, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर तोमर, सलाहकार बारू तोमर, चमोली जिला अध्यक्ष करण सिंह, अंकित तोमर, राहुल कुमार, आशीष नौटियाल, सीताराम, सुशील कैंतूरा, राहुल तोमर, भगत सिंह दानू, आशीष कुमार, योगेश सैनी, रोशन लाल, दीपक डोभाल, जयदेव चौहान, हरीश पवार, बलवंत राणा, ब्लॉक कमांडर पोखरी चैन सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष जवान मौजूद रहे। महिला जवानों में सावित्री, दीपा रावत, माहेश्वरी रावत, वृंदा, उजला रावत, संगीता ओझा, अंजना कंडारी, सरिता राय, संगीता, पुष्पा बिष्ट, गोविंद आर्य, सूर्या, नीमा वर्मा, दीपा, देवेंद्र गोसाई और सरिता अस्वाल समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे। पीआरडी जवानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। Post navigation रुड़की में पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का खुलासा, तहरीक-ए-तालिबान नेटवर्क से जुड़े चार आरोपी गिरफ्तार हरिद्वार में मदरसों का बड़ा खुलासा: सत्यापन में 11 हजार बच्चे रिकॉर्ड से गायब