पूर्व सैनिकों, वरिष्ठ नेताओं और संगठन के कार्यकर्ताओं को मिला सम्मान, कई परिषदों में हुई महत्वपूर्ण नियुक्तियां देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने विभिन्न परिषदों और आयोगों में छह प्रमुख व्यक्तियों को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे हैं। मंत्रिपरिषद अनुभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इन नियुक्तियों के माध्यम से सरकार ने संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं, पूर्व सैनिकों और वरिष्ठ नेताओं को सम्मान देने का संदेश दिया है। राजनीतिक जानकार इसे संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक संतुलन की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। दिनेश अग्रवाल को सेतु आयोग में सलाहकार की जिम्मेदारी सबसे चर्चित नियुक्ति पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल की रही है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अग्रवाल को सेतु आयोग में सलाहकार नियुक्त किया गया है। लंबे समय से उनके समर्थकों को इस बात का इंतजार था कि सरकार उन्हें किस भूमिका में जिम्मेदारी सौंपेगी। उनकी नियुक्ति को भाजपा में शामिल होने वाले वरिष्ठ नेताओं के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। जोत सिंह बिष्ट बने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद के उपाध्यक्ष टिहरी जिले की धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े जोत सिंह बिष्ट को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण और पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं की समझ को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद में दो अहम नियुक्तियां उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद में भी दो प्रमुख नियुक्तियां की गई हैं। शमेशर सिंह बिष्ट को परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। कैप्टन गम्भीर सिंह धामी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। दोनों ही लंबे समय से पूर्व सैनिकों के हितों और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ परिषद को मिलेगा। गोरखा कल्याण परिषद को मिला नया नेतृत्व गोरखा समाज के कल्याण और उत्थान के लिए कार्यरत गोरखा कल्याण परिषद में भी दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं। ज्योति कोटिया को परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है। अभिषेक शाही को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ज्योति कोटिया समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं, जबकि अभिषेक शाही युवा और ऊर्जावान कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखते हैं। इन नियुक्तियों से गोरखा समाज में सकारात्मक संदेश गया है। नामित पदाधिकारियों को मिलेंगी विभिन्न सुविधाएं सरकारी आदेश के अनुसार सभी नामित पदाधिकारियों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनका खर्च संबंधित विभाग वहन करेगा। इनके अधिकार, कर्तव्य, दायित्व और सेवा अवधि से संबंधित विस्तृत आदेश संबंधित विभाग अलग से जारी करेंगे। राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम इन नियुक्तियों के जरिए धामी सरकार ने स्पष्ट किया है कि संगठन के प्रति समर्पण, अनुभव और सामाजिक योगदान को उचित महत्व दिया जाएगा। साथ ही अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए नेताओं को भी सम्मानजनक भूमिका देकर सरकार ने समावेशी राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है। Post navigation सीमावर्ती गांवों में बदलाव की नई पहल: 500 युवा स्वयंसेवक संभालेंगे विकास और राष्ट्र निर्माण की कमान भाजपा को ‘वॉकओवर’ दे गया राहुल अल्मोड़ा-पौड़ी का न आना