रुद्रपुर। कृषि भूमि के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा आयोजित “खेत बचाओ अभियान” का शुभारंभ शुक्रवार को रुद्रपुर के गांधी मैदान में किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा सहित कई जनप्रतिनिधि और किसान मौजूद रहे। इस अवसर पर कुल 369.66 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इनमें 46.32 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए नौ विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 323.34 करोड़ रुपये की लागत वाली 32 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेत और कृषि भूमि का संरक्षण केवल किसानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि खेत सुरक्षित रहेंगे तो भूमि सुरक्षित रहेगी और भूमि सुरक्षित रहने से पर्यावरण एवं मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र में सेब, अखरोट, बादाम और अन्य उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों का उत्पादन किया जाएगा। इससे प्रदेश के किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध होंगे और बागवानी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़ी नर्सरी स्थापित करने वाले किसानों और उद्यमियों को चार करोड़ रुपये तक तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को दो करोड़ रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अल्मोड़ा के चौबटिया क्षेत्र में 15 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। वहीं न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 15 करोड़ रुपये की विशेष कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु 65 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आधुनिक कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 104 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन स्टेशनों के माध्यम से किसानों को मौसम संबंधी सटीक जानकारी समय पर मिल सकेगी, जिससे फसल प्रबंधन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त होगा। केंद्रीय मंत्री ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देकर मिट्टी की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और मजबूत कृषि व्यवस्था विकसित उत्तराखंड की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का जनआंदोलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल कृषि मिशन और प्राकृतिक खेती कार्यक्रमों से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से नियमित मृदा परीक्षण कराने और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने का आग्रह किया। धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा नहरों से सिंचाई सुविधा निःशुल्क दी जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना पर भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी और बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी और कृषि क्षेत्र की आय में वृद्धि होगी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को रेखांकित करते हुए जैविक खेती के लिए अतिरिक्त सहायता तथा मोटे अनाजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और भूमि संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषक एवं आमजन उपस्थित रहे। Post navigation हल्द्वानी में स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, महिला मैनेजर समेत 4 गिरफ्तार, 6 युवतियां रेस्क्यू