Category: लेख

145 वीं जयन्ती: एकात्म आधुनिक भारत के वास्तुकार सरदार बल्लभ भाई पटेल

राष्ट्रीय एकता और अखंडता के अग्रदूत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एकात्म आधुनिक भारत के वास्तविक वास्तुकार थे। केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में उनका जन्मदिवस आत्मनिर्भर…

कोरोना संक्रमण में राजनेताओं की लोकप्रियता

–कमलकिशोर कोरोना वायरस का संक्रमण ने जिस तरह से दुनिया के समक्ष संकट पैदा किया है उससे राजनेताओं की लोकप्रियता, वादें, और उनकी बातें एवं क्षमताएं एक प्रकार से इम्तिहान…

विजयादशमी: समरस, भयमुक्त, सुसम्मपन्न समाज के निर्माण का संकल्प पर्व

विजयादशमी का पर्व अभिमान, अत्याचार, बुराई असत्य, अन्याय के प्रति न्यायवादी जीत का प्रतीक माना गया है,जब भी इस धरती पर अन्याय, अत्याचार बढ़ा है तब समाज उसके विरुद्ध खड़ा…

भारत विभाजन के लिए पाक हमले को भुलाया नहीं जा सकता

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू- कश्मीर के हिस्से पर 22 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान द्वारा बोए गए हिंसा के बीज आज भी रह-रहकर मानवता का खून कर रहे…

कोरोना संक्रमण से बचाव को प्रधानमंत्री के संदेश के मायनेे

कोरोना संक्रमण बचाव में लोगों की लापरवाहियां केवल खुद के साथ दूसरों को ही मुश्किल में डाल रही है बल्कि देश के स्वास्थ्य ढांचे के लिए भी चुनौतियां बढ़ा रही…

वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार ‘हिन्दी’ पढ़ते और लिखते समय मस्तिष्क होता है सक्रिय

भारतीय संस्कृति और परमपराओं में राम-राम, नमस्कार या प्रणाम आदि सम्बोधनों से हाथ जोड़कर अभिवादन करना व्यक्ति को व्यक्ति से तथा समष्टि से जोड़ने वाली सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां हैं। कोविड-19 जैसे…

नीति की सफलता सबल राजनीतिक संवाद से ही सम्भव

कृषि एवं श्रमिक संबंधी सुधारों की पहल हमारे आर्थिक हितों से जुड़ी हैं, जबकि नई शिक्षा नीति मानवीय संसाधन एवं ज्ञान के निर्माण से जुड़ी है। इसमें दो राय नहीं…

बदलती परिस्थितियों में बच्चों की शिक्षा

कोविड-19 उभरी मुश्किलों से जूझते हुए आम जनसमुदाय ने वक्त के साथ कदम ताल करना शुरू कर दिया है। इस बीच लोगों को एक बड़ी चिंता अपने बच्चों की आगे…

कोविड-19 महामारीः जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं

पिछले कुछ समय से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में गिरावट एवं सक्रिय मामलों में कमी आने से यह उम्मीद जगी है कि कोरोना महामारी पर जल्द ही काबू पा…

दादरी, हैदराबाद के बाद हाथरस बना नया राजनैतिक तीर्थस्थल

राजनीतिक दलों की घनघोर मौकापरस्त राजनीति का यह नतीजा है कि वे उस विषाक्त मानसिकता पर प्रहार नहीं कर पा रह हैं,जिसके चलते देश, समाज में ऐसी घटनाएं होती हैं…………

उत्तराखंड की प्राचीन जागर परम्परा का इतिहास

उत्तराखंड की प्राचीन जागर परम्परा इतिहास को पद्म श्री प्रीतम भरतवाण,चंद्र सिंह राही, दिलबर सिंह राही, नरेंद्र सिंह नेगी,पप्पू कार्की इत्यादि ऐसे जागरी सम्राट है,जिन्होंने जागरों को उत्तराखंड ही नहीं…

महात्मा गांधी का बुनियादी शिक्षा दर्शन

शिक्षा द्वारा बालक के शरीर, मस्तिष्क और आत्मा में पाये जाने वाले सर्वोत्तम गुणों से उसके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक गुणों से सर्वांगीण विकास करना है……. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी…

बच्चों को शैक्षिक पाठ्यक्रम के साथ कौशल विकास से जोड़ने की आवश्यकता

-कमल किशोर डुकलान, रुड़की (हरिद्वार) वैश्विक प्रतिस्पर्धा के माहौल में बच्चों के वर्तमान शैक्षिक पाठ्यक्रम के साथ बाल मनोभावों को प्राथमिकता देन की आवश्यकता है ताकि बच्चों के वर्तमान शैक्षिक…

रोजगार मुहैया कराने के दावों की सच्चाई

-कमलकिशोर कोविड-19 वायरस जनित लॉकडाउन से देशभर में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, जिससे रोजगार की स्थिति और भी बदतर हो गई है। पिछले कुछ वर्षों से सरकारी नौकरियां सिमटती…

अभिनेत्री कंगना रनोट के मामले में महाराष्ट्र सरकार की छवि हुई धुमिल

..जहां फिल्म अभिनेत्री कंगना रनोट के मामले में सत्ता का गलत इस्तेमाल हुआ वहीं सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच में महाराष्ट्र सरकार की सस्ती राजनीति से प्रभावित दिखी….. महाराष्ट्र…

चीन अपनी आदत से बाज नहीं आता तो भारत के पास खुले हैं सभी विकल्प

भारतीय नीति निर्माताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि चीन अपनी आदत से बाज नहीं आता तो भारत के पास चीन विरुद्ध कार्रवाई के सभी विकल्प खुले हुए हैं…..…

शिक्षा के क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर बदलाव की आवश्यकता

विश्व में अब भी भारत को आशा और प्रकाश के स्तंभ के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में समूचे देश के लिए ज़मीनी स्तर पर बदलाव…

6 सितम्बर, 1932 पौड़ी क्रान्ति के नायक- जयानन्द ‘भारतीय’

-डॉ. अरुण कुकसाल ‘गो-बैक मेलकम हैली’ ‘भारत माता की जय’ हाथ में तिरंगा उठा, नारे भी गूंज उठे, भाग चला, लाट निज साथियों की रेल में, जनता-पुलिस मध्य, शेर यहां…

शिक्षक दिवसः गुरु की महत्ता बताने वाला दिवस

“शिक्षक हमारे समाज का वह स्तंभ हैं, जो हमारे जीवन में एक असाधारण भूमिका निभाते हैं तथा हमें ज्ञान, शक्ति से जोड़ते हैं और हमें जीवन की कठिनाइयों का सामना…

अपराधियों को समय रहते कड़ा संदेश देने की है जरूरत

पिछले दिनों फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मुम्बई में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत एक पहेली सी बनकर रह गई है। इसे लेकर पिछले कहीं दिनों से देश-विदेश में चर्चा…