देहरादून। साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अंतर्गत “मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM)” पोर्टल लॉन्च किया है। इस नई व्यवस्था के तहत साइबर अपराध के पीड़ित अब होल्ड (फ्रीज) कराई गई धनराशि को वापस पाने के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब पीड़ितों को धनराशि वापसी के लिए विभिन्न कार्यालयों और बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरा रिफंड प्रोसेस डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है।

कौन कर सकता है आवेदन?

MRM पोर्टल पर वही व्यक्ति आवेदन कर सकता है जिसने साइबर ठगी की शिकायत NCRP पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई हो और उसे 14 अंकों का रजिस्टर्ड एक्नॉलेजमेंट नंबर प्राप्त हुआ हो। यह सुविधा केवल उन मामलों में उपलब्ध होगी, जहां साइबर अपराधियों के बैंक खातों में रकम होल्ड या फ्रीज कर दी गई हो।

तीन श्रेणियों में होगी रिफंड प्रक्रिया

पहली श्रेणी: यदि किसी एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये तक की राशि होल्ड है, तो बिना एफआईआर और न्यायालय आदेश के पुलिस रिपोर्ट एवं इंडेम्निटी बॉन्ड के आधार पर रिफंड किया जाएगा।

दूसरी श्रेणी: कुल होल्ड राशि 50 हजार रुपये से अधिक होने पर भी यदि वह अलग-अलग खातों में विभाजित है और किसी एक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक नहीं है, तो बिना एफआईआर और कोर्ट आदेश के धनराशि वापस मिल सकेगी।

तीसरी श्रेणी: यदि किसी एक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक की राशि होल्ड है, तो एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य होगा। इसके बाद की कानूनी प्रक्रिया MRM पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

पीड़ित को MRM पोर्टल पर जाकर ‘सिटिजन लॉगिन’ के माध्यम से अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा। इसके बाद ‘Raise Refund Request’ विकल्प चुनकर शिकायत संख्या दर्ज करनी होगी। सत्यापन के बाद होल्ड धनराशि की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। आवेदक को अपना पैन कार्ड, बैंक खाता संख्या और IFSC कोड अपलोड कर आवेदन सबमिट करना होगा। आवेदन के बाद जारी यूनिक रिक्वेस्ट आईडी से स्थिति ट्रैक की जा सकेगी।

एसटीएफ की अपील

एसएसपी एसटीएफ ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कराया जा सके। उन्होंने लोगों को रिफंड के नाम पर सक्रिय बिचौलियों और ठगों से सावधान रहने की भी सलाह दी है।

साथ ही, यदि किसी को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में कठिनाई आती है तो वह अपने नजदीकी थाने या साइबर सेल से निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकता है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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