कोलकाता (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा के चालू सत्र में राज्य सरकार ने सामूहिक हिंसा रोकथाम के लिए कानून पारित किया है लेकिन राज्य में इस पर लगाम लगाना संभव नहीं दिख रहा। विगत 24 घंटे में तीन अलग-अलग जगहों पर हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं में नौ लोग घायल हुए हैं। राज्य प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर दिनाजपुर, आसनसोल और कूचबिहार में अब तक 24 घंटे के दौरान हिंसा में ये लोग प्रभावित हुए। बताया गया है कि तीनों जगहों पर बच्चा चोरी के संदेह में लोगों ने अनजान शख्स को पकड़ कर मारा पीटा है। खास बात यह है कि घायलों में पांच पुलिसकर्मी और सिविक वॉलिंटियर भी शामिल हैं। पहली घटना उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा थाना अंतर्गत रामगंज की है। यहां कपड़ा बेचने के लिए आए दो लोगों को पकड़कर स्थानीय लोगों ने बुरी तरह मारा पीटा। सूचना के बाद मौके पर पहुंची चोपड़ा थाने की पुलिस ने इन्हें इस्लामपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों की पहचान मोहम्मद हुसैन और मोहम्मद जाहिद के तौर पर हुई, जो मुर्शिदाबाद के जंगीपुर के रहने वाले हैं। इन दोनों के लिए बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिसकर्मियों को भी लोगों ने पीटा और पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। घटना में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। दूसरी घटना आसनसोल के हीरापुर की है। यहां के झालरिया गांव में बच्चा चोर के संदेह में एक शख्स के साथ मारपीट की गई। उसे बचाने पहुंचे तीन सिविक वॉलंटियर की भी लोगों ने धुनाई कर दी। सभी घायलों को इलाज के लिए आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीसरी घटना कूचबिहार के दिनहटा की है, जहां बच्चा चोरी के संदेह में जोसेफ संथाल नामक युवक से मारपीट हुई। इस घटना की वीडियो फुटेज पुलिस के हाथ लगी है, जिसमें करीब 25 लोगों को चिन्हित किया गया है। इसके अलावा बीरभूम के नानूर में एक दिन पहले भाजपा कार्यकर्ता को गोली मार दी गई थी, उसने रविवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ही राज्य सरकार ने मॉब लिंचिंग रोकथाम अधिनियम को पारित किया है। इसमें सामूहिक हिंसा में शामिल लोगों पर पांच लाख तक का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा उन्हें 10 साल से आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। मॉब लिंचिंग की घटनाओं में अगर पीड़ित व्यक्ति की मौत हो जाती है तो शामिल लोगों के खिलाफ हत्या की धारा के तहत भी मामला दर्ज किया जाएगा जिसमें अधिकतम फांसी तक की सजा है। हिन्दुस्थान समाचार Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने विक्रम नाथ वर्ष 2030 तक भारत की बंजर भूमि को बनाएंगे उपजाऊ: प्रधानमंत्री