Year: 2025

उत्तराखंड में बाघ, भालू और तेंदुए का आतंक

✍️ सुरेश भाई उत्तराखंड के गांवों मे बाघ, तेंदुए और भालू के आतंक से लोग भयभीत है। जंगल और खेत में घास काटने जा रही महिलायें जंगली जानवरों की शिकार बन रही है। ऐसी ही दर्दनाक घटना नवंबर के तीसरे…

उत्तराखण्ड में मानव-वन्य जीव संघर्ष चिन्ता का सबब

देहरादून। उत्तराखण्ड में मानव-वन्य जीव संघर्ष लम्बे समय से चला आ रहा है, किन्तु विगत वर्षों में यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। वन विभाग के आंकड़ों को दिखाते हैं कि यह संघर्ष मानव जीवन के लिए खतरनाक होता…

 ‘युवा एआई फॉर ऑल’ बढ़ाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कौशल

भारत सरकार ने ‘युवा एआई फॉर ऑल’ का शुभारंभ किया – यह एक निःशुल्क राष्ट्रीय पाठ्यक्रम है जो सभी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को समझने में सहायता करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक छोटा,…

सदी बढ़ा रही है दर्द, लोग हलकान

देहरादून। सदी बढ़ते ही लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है। सदी के असर से वायरल, बदन दर्द तथा शरीर में अकड़न बढ़ रही है। सबसे ज्यादा गठिया, जोड़ों का दर्द तथा पुराने दर्द के मरीजों को कठिनाईयों का समाना…

संघर्ष, सम्मान और साहस का प्रतीक बिरसा मुण्डा

बिरसा मुंडा ने ‘मुंडा विद्रोह’ समेत कई आंदोलनों का नेतृत्व किया और आदिवासी समाज को एकता और अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अंग्रेजों के शोषण और अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों में जागरूकता और आत्मबल…

लेख

बाल दिवसः बाल श्रम, कुपोषण, गरीबी और बाल शोषण खातमे का संकल्प

प्रत्येक वर्ष भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। यह दिन बेहद खास होता है, क्योंकि देश के बच्चों के अधिकारों और उज्जवल भविष्य की बात की जाती है। इस दिन देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों…

भारत सरकार की पहल: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अब आसानी से मिलेगा स्वदेशी सामान

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अब स्वदेशी सामान आसानी से मिलेगा। भारत सरकार की नई पहल के तहत ऐसे प्रावधान किये जा रहे है। मंत्रालय का कहना है कि पैकेज्ड सामानों में कंट्री ऑफ ओरिजिन लिखने की अनिवार्यता पहले से…

रैणी को ‘राष्ट्रीय धरोहर’ घोषित करने की माँग

देहरादून। चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरादेवी के जन्म शताब्दी वर्ष 2025 को व्यापक रूप से मनाए जाने हेतु ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा जनाभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत मार्च माह में “चिपको चेतना यात्रा” निकालकर पूरे उत्तराखंड…

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सामाजिक रिश्तों की अहमियत

-कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से पोषित भारतीय संस्कृति में आज संयुक्त परिवार व्यवस्था टूट रही है जिस कारण आधुनिक समाज में हमारे रिश्ते नाते धीरे-धीरे अपनी अहमियत खोते जा रहे हैं….. वर्तमान समाज में मानवीय मूल्य…

कारगिल विजय दिवस पराक्रम की अविस्मरणीय शौर्य गाथा

कारगिल विजय शौर्य दिवस को मनाते समय प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रीय जीवन मूल्यों को नई दिशा प्रदान करने एवं देश की एकता और अखंडता को अक्षुण रखने की लेनी होग शपथ लेनी होगी.. 1999 का कारगिल युद्ध भारतीय सेना के…

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है हरेला

कमल किशोर डुकलान ‘सरल‘ सनातन संस्कृति में प्रकृति को महत्व देने की परंपरा सदैव से रही है और हम प्रकृति के पोषक होने के कारण प्रकृति की पूजा विभिन्न रूपों में करते हैं। इन सभी परंपराओं का वैज्ञानिक आधार भी…

भारतीय संविधान में समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता

कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ भारतीय संविधान के 42वें संशोधन में आपातकाल के दौरान “समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता” जैसे शब्द प्रस्तावना में जोड़ना संविधान निर्माताओं की मानसिकता के साथ विश्वासघात एवं भारत की हजारों वर्षों की सभ्यतागत सम्पदा, ज्ञान का अनादर करने…

कांवड़ यात्रा का सामाजिक एवं धार्मिक महत्व

कमल किशोर डुकलान ‘सरल‘  सामाजिक सरोकारों से रची कांवड यात्रा का संदेश हमारी धार्मिक आस्थाओं के साथ प्रतीकात्मक तौर पर जीवनदायिनी नदियों के जल से भगवान शिव की आराधना एवं जलाभिषेक करना वास्तव में सृष्टि सृजन का ही दूसरा रूप…

गुरु पूर्णिमा पर विशेषः आध्यात्मिक ज्ञान की मूल प्रक्रिया में आदियोगी

कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु पूर्णिमा को एक अत्यंत पावन पर्व माना गया है। यह दिन गुरु और शिष्य के रिश्ते की पवित्रता और उसके महत्व का प्रतीक माना जाता है। गुरु पूर्णिमा केवल पारंपरिक गुरु-शिष्य…

लीवर का ऐसे रखे ध्यान

लीवर का ख़राब होना हमारे स्‍वास्‍थ्‍य को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। एक तो खाना नहीं पचेगा, इससे भोजन के तत्‍व रस, रक्‍त में परिवर्तित नहीं हो पाएंगे, स्‍वास्‍थ्‍य लगातार गिरता जाएगा, अनमनापन बना रहेगा, किसी काम में मन…

11वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का संकल्प ‘एक धरती, एक स्वास्थ्य’

कमल किशोर डुकलान ’सरल’ रुड़की,हरिद्वार (उत्तराखंड) मानव कल्याण का समग्र दृष्टिकोण है योग योग एक ऐसा शब्द है जिसे किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। मनीषियों ने योग और भारतीय संस्कृति एक-दूसरे के पूरक बताया हैं। योग एक ऐसी क्रिया…

चमत्कारिक दवा अश्वगंधा 

कैसे करें इसका सेवन- अश्वगंधा चूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है, जो आपकी सेहत के लिए बहुआयामी फायदों का खजाना है।  इसे सही तरीके से सेवन करने से न केवल आपका शारीरिक बल बढ़ेगा, बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होगी। आइए विस्तार…

अहिल्या बाई का शौर्य और सुशासन

डा. दिलीप अग्निहोत्री, वरिष्ठ स्तंभकार भारत राजनीतिक रूप से परतंत्र रहा, लेकिन सांस्कृतिक रूप में इसे पराधीन बनाने में आक्रांताओं को कभी सफलता नहीं मिली। इस दौरान विदेशी सत्ता के विरुद्ध लगातार संघर्ष भी चलते रहे। राष्ट्र रक्षा हम सबका…

गर्मियों में स्वास्थ्य का ध्यान ऐसे रखें 

गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज़ धूप, उमस और लू जैसी समस्याएं लेकर आता है। इस मौसम में यदि स्वास्थ्य का सही ध्यान न रखा जाए तो डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, फूड पॉइजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।…

पहाड़ का परम्परागत लौह शिल्प उद्योग

उत्तराखण्ड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र के गांवों में स्थित लघु स्तर पर चलने वाली लौह शिल्प इकाईयों का वहां काश्तकारों से निकट का सम्बन्ध है। कुमाऊं में प्राचीन लौह शिल्प के विशेषज्ञों को आगरी कहा जाता था। ये लोग…