उत्तराखंड

हिम तेंदुए की मौत से प्रशासन में हड़कंप

उत्तरकाशी। गंगोत्री नेशनल पार्क में एक हिम तेंदुए की मौत होने से पार्क प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बीते कुछ सालों में पार्क क्षेत्र में हिम तेंदुओं का कुनबा समृद्ध हुआ है। इस बीच छह सालों के भीतर तीन हिम तेंदुओं की मौत चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि पार्क प्रशासन बीमारी के कारण शिकार न कर पाने से हुई हिम तेंदुओं की मौत को सामान्य बता रहा है। लेकिन आशंकाओं को देखते हुए मृत हिम तेंदुए का बिसरा आदि जांच के लिए बरेली लैब भेजा जा रहा है।
बीते आठ जून को गंगोत्री नेशनल पार्क में नेलांग के पास दुमकुटिया पास में वन कर्मियों को गश्त के दौरान बीमार अवस्था में हिम तेंदुआ दिखाई दिया। उसकी निगरानी करते हुए उन्होंने इसकी सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी। मंगलवार को जिला मुख्यालय से पार्क के उपनिदेशक नंदावल्लभ शर्मा, वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार तथा पशु चिकित्सक डा.शिवानंद पाठक एवं डॉ. विनोद सोनी हिम तेंदुए के उपचार के लिए नेलांग पहुंचे। लेकिन बुधवार सुबह छह बजे ही उसकी मौत हो गई।
पशु चिकित्सकों के पैनल की मौजूदगी में हिम तेंदुए का पोस्टमार्टम कर उसके शव का जलाकर नष्ट कर दिया गया। जबकि मौत के कारणों की पड़ताल के लिए उसके बिसरा आदि के नमूने एकत्र कर जांच के लिए बरेली स्थित वाईल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट की लैब में भेजे गए हैं। इससे पहले वर्ष 2015 और 2018  में भी पार्क क्षेत्र में दो हिम तेंदुओं की मौत हो चुकी है। हिम तेंदुओं के संरक्षण के लिए भारी भरकम योजनाएं संचालित करने के बावजूद छह सालों के भीतर तीन हिम तेंदुओं की मौत चिंता का विषय बनी हुई है।वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि मंगलवार को मृत हिम तेंदुआ मादा थी और इसकी उम्र सात-आठ साल थी। उसके मल के रास्ते रक्तस्राव हो रहा था। संभवतः बीमार होने के कारण वह शिकार करने में असमर्थ थी और इसकी कारण उसकी मौत हुई।

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