ऋषिकेश। ऋषिकेश स्थित पूर्णानंद गंगा घाट पर हवलदार रमेश बहुगुणा को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। पूर्णानंद गंगा घाट उनके बड़े भाई दिनेश बहुगुणा जैसे ही मुखाग्नि दी, हर किसी की आंखें नम हो गई। पूर्णानंद गंगा घाट पर जवान को अंतिम विदाई देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। श्मशान घाट पर सेना की सशस्त्र टुकड़ी ने सलामी दी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी जवान को श्रद्धांजलि दी।
टिहरी जिले के विकासखंड चंबा के नजदीकी गांव साबली निवासी हवलदार रमेश बहुगुणा (38) पुत्र स्व. टीकाराम बहुगुणा वर्ष 2002 में महार रेजीमेंट में सेना में भर्ती हुए थे। परिजनों के अनुसार अगस्त 2019 में उनकी तैनाती सियाचिन में हुई थी। बीती 31 जनवरी 2020 को हवलदार बहुगुणा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए एक फरवरी को चंडीगढ़ स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती कराया था। तीन दिन अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार रात्रि को उनका निधन हो गया था। बताया जा रहा है कि सियाचिन में भयंकर ठंड और ऑक्सीजन की कमी के कारण सैनिक की मौत हुई थी। जिसके बाद हवलदार रमेश बहुगुणा का शव बुधवार को घर पहुंचा। जहां परिजनों और लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए।
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हवलदार रमेश बहुगुणा के शहीद होने पर सीएम ने दुख व्यक्त किया
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सियाचिन में तैनात हवलदार रमेश बहुगुणा (महार रेजीमेंट) के अत्यधिक ठंड व ऑक्सीजन की कमी की वजह से शहीद होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। शहीद हवलदार रमेश बहुगुणा मूलतः टिहरी जिले के शामली गांव के निवासी थे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनायें व्यक्त करते हुए सरकार की तरफ से हर संभव सहयोग एवं सहायता का आश्वासन दिया।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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