राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पर्यावरण गतिविधि उत्तराखंड की बैठक में पर्यावरण संरक्षण कार्योंं का संकल्प
देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पर्यावरण के महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रांतीय एवं अखिल भारतीय स्तर पर पर्यावरण गतिविधि नामक एक नई गतिविधि को प्रारंभ की गई है। उत्तराखंड प्रांत की महानगर देहरादून की पर्यावरण गतिविधि की ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया।
रविवार को आनलाइन संगोष्ठी में पर्यावरण गतिविधि के राष्ट्रीय संयोजक श्री गोपाल आर्या ने गतिविधि के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण कार्यों की चर्चा की। श्री गोपाल आर्या ने कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े हुए सभी लोगों से अपने-अपने घरों को एवम् आसपास के घरों को पर्यावरण हरित घर की अवधारणा के अनुरूप बनाने का आह्वान किया। घर के अंदर जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, प्लास्टिक का कम से कम प्रयोग, घर के जैविक कचरे से खाद बनाना, पक्षियों के घोंसले लगाने, पौधारोपण करने आदि मुख्य कार्यों को बताया गया, जिसे व्यापक जन जागरण, जन सहभाग, जन अभियान के साथ किए किया जा रहा है।
पर्यावरण गतिविधि के उत्तराखंड प्रांत के प्रांत संयोजक डॉ आरबीएस रावत ने बताया कि पर्यावरण गतिविधि के तहत पूरे प्रदेश में विगत अप्रैल माह से ही व्यापक स्तर पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है । डॉ रावत ने बताया कि आगामी जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में वन विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाले वन महोत्सव कार्यक्रम एवं 15 जुलाई से 22 जुलाई तक चलने वाले हरेला पर्व के लिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से व्यापक पौधारोपण कार्यों में सहयोग लिए जाने एवं पौध उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, इस पर वन विभाग से सहमति प्राप्त हुई है। साथ ही साथ उद्यान विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग से भी अनुरोध किया गया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर प्रचारक श्री विजय ने बताया कि पूरे महानगर में पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की कार्य की गयी है। पर्यावरण गतिविधि के विभाग संयोजक श्री कैलाश मेलाना ने जल संरक्षण एवं रसोई की बगिया हेतु किए जा रहे विभिन्न प्रयोगों को बताया।
कार्यक्रम का समन्वयन करते हुए पर्यावरण गतिविधि के महानगर संयोजक डॉ भवतोष शर्मा ने बताया कि महानगर के सभी 17 नगरों में नगर संयोजकोंं के द्वारा पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों को प्रारंभ कर दिया गया है। पर्यावरण प्रहरियों के द्वारा अपने-अपने घरों में एवं आसपास व्यापक रूप से औषधीय पौधों का पौधा रोपण कर 1900 से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है।
कार्यक्रम में महानगर के नगर संयोजकोंं के साथ-साथ जिला टोली के सदस्यों द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों को भी बताया गया।