नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित ट्रेन के संचालन को मंजूरी दे दी है। यह 10 डिब्बों वाली ट्रेन जिंद सोनीपत रेलखंड पर चलने के लिए तैयार की जा रही है और इसकी अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटा होगी। इसे 1200 किलोवाट क्षमता वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणोदन प्रणाली से संचालित किया जाएगा।

यह तकनीक हाइड्रोजन के माध्यम से रासायनिक प्रक्रिया द्वारा बिजली उत्पन्न करती है, जिससे केवल जलवाष्प उत्सर्जित होता है। इस कारण यह पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में अधिक स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प मानी जा रही है।

इस परियोजना के तहत हरियाणा के जिंद में हाइड्रोजन भंडारण और ईंधन भरने की सुविधा विकसित की गई है, जिसे पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (च्म्ैव्) से आवश्यक सुरक्षा अनुमति मिल चुकी है। सुरक्षा के लिए रिसाव और आग का पता लगाने वाले सेंसर, प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती और चौबीसों घंटे निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

भारतीय रेलवे ने इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत संचालन और रखरखाव दिशानिर्देश भी तैयार किए हैं, ताकि सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके। प्रारंभिक चरण में तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में ट्रेन का संचालन किया जाएगा।

इस पहल के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो रेल परिवहन में हाइड्रोजन ईंधन तकनीक का परीक्षण और उपयोग कर रहे हैं, जो देश के शून्य-कार्बन उत्सर्जन और हरित ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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