देहरादून। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धन सिंह रावत ने विधान सभा स्थित कक्ष में पौडी, श्रीनगर क्षेत्र में ऊर्जा विभाग से संबंधित समस्याओं के संबंध में बैठक ली। बैठक में कहा गया कि सम्पूर्ण प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में 500 उपभोक्ता पर एक मीटर रीडर होना चाहिए तथा अनुमान के आधार के स्थान पर वास्तविक विद्युत बिल दो माह में उपलब्ध कराया जाय। विद्युत कैम्प लगाने हेतु न्याय पंचायत अथवा ब्लाक कार्यालय का उपयोग किया जाय तथा कैम्प स्थल पर पेयजल का भी प्रबन्ध किया जाय।
श्रीनगर, खिर्सू, पावौं, थलीसैंण एवं ढूंगीधार, चिपलधार मजरा महादेव, चाकीसैण, बीरोखाल, नैनीडांडा, रिकरीखाल इत्यादि कस्बे में अंडरग्राउण्ड केबिल एवं खुले तारो को कवर्ड तार में बदलने का कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। प्रथम चरण में बड़ी लाइनों के लिए कार्य होगा। इसके लिए स्टीमेट तैयार कर टैण्डर करने के निर्देश दिये गये। 32 करोड़ रू0 की लागत से 28 किमी, ढ़िकाल ग्राम पम्पिंग योजना के खिर्सू ब्लाक में पेयजल योजना लगई जा रही है। पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इससे संबंधित प्रत्येक उपभोक्ता विद्युत कनेक्शन को देने का निर्णय लिया गया। ढ़िकाल ग्राम पम्पिंग योजना का लोकार्पण जनवरी, 2020 में मा0 मुख्यमंत्री करंेगे। बैठक में निर्णय लिया गया कोटद्वार डिवीजन में लगभग 1 लाख 25 हजार उपभोक्ता का भार होने के कारण अलग सब डिवीजन थलीसैंण के समीप बनाया जायेगा तथा चाकीसैंण में 33 के0वी0 बड़ी विद्युत गृह का निर्माण कार्य एक सप्ताह में शुरू होगा। इस क्षेत्र के लगभग 27 हजार परिवार इससे लाभान्वित होंगे। यह भी कहा गया कि इस क्षेत्र के ट्रान्सफार्मर को बदला जाय एवं आवश्यकता पड़ने पर नये के ट्रान्सफार्मर लगाये जाय।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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