देहरादून। मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौंसले से उड़ान होती है। किसी शायर की यह पंक्तियां आपने तो सुनी ही होगी। हौसले के दम पर आसमां भी हासिल हो सकता है। दृढ़ संकल्प और हौसलों की एक मिसाल बना उत्तराखण्ड का 26 वर्षीय युवा सोनम राणा। सीमान्त जनपद उत्तरकाशी हर्षिल निवासी सोनम राणा ने देहरादून से केदारनाथ की 530 किमी की यात्रा साइकिल से चार दिन में पूरी कर देहरादून वापसी की। इस उत्साही युवक ने पैंडिल मारते हुए साइकिल से इस कठिन यात्रा को पूरा किया है और वापस देहरादून लौट आया। प्रतिदिन 130 किमी का सफर तय कर चार दिन में ही यात्रा पूरी कर ली।
24 अक्टूबर को सोनम राणा ने देहरादून से अकेले यात्रा शुरू की और 25 अक्टूबर को केदारनाथ पहंुच गया। रात को केदारनाथ में बाबा के दर्शन कर अगली सुबह देहरादून के निकल पड़ा।

सोनम राणा ने बताया कि उन्होंने एक साल पूर्व साइकिलिंग शौकिया तौर पर शुरू की। इससे पहले लैंसडाउन तथा देहरादून के आसपास मसूरी, धनोल्टी आदि पर्वतीय क्षेत्र में साइकिलिंग से करने के बाद उन्हें बाबा केदार तक साइकिलिंग करने का विचार आया। तो वे अकेले ही देहरादून से निकल पड़े। बता दें कि सोनम राणा युवा कल्याण निदेशालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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