-प्रवासियों के क्वारंटाइन के लिए नहीं पर्याप्त व्यवस्था
देहरादून। देश के तमाम राज्यों से प्रवासियों की पहाड़ वापसी से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की चिंता बढ़ गयी हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासियों के क्वारंटाइन के लिए पंचायत घर नहीं हैं, जबकि प्राथमिक विद्यालयों में पर्याप्त जगह नहीं हैं। ऐसे में प्रवासियों को क्वारंटाइन करना ग्रामीण प्रतिनिधियों के लिए परेशानी हो रही है। डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चैहान ने प्रवासी उत्तराखंडियों से अपनी, अपने परिवार और क्षेत्र की सुरक्षा की अपील की। डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चैहान के मुताबिक प्रवासियों में से अगर कोई भी व्यक्ति संक्रमित होगा तो पूरे पहाड़ के लिए दिक्कतें होंगी। प्रवासियों का स्वास्थ चिंता का विषय है। ऐसे में कोरोना महामारी से अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखने के लिए प्रवासियों का क्वारंटाइन जरूरी है। चैहान ने कहा कि पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारंटाइन में कई दिक्कतें आ रही हैं। जिला प्रशासन से उन्होंने इस मामले में बात की है। प्रशासन व्यवस्था संभाले हुए है बाकि सब भगवान के हाथ में हैं। वहीं, विगत दिनों अल्मोड़ा जिले के कई ग्राम प्रधान भी गांव वापस आ रहे लोगों को होम क्वारंटाइन कराने को लेकर असहमति व्यक्त कर चुके हैं। उनका कहना है कि गांवों में अधिकांश घर एक दूसरे से मिले रहने के कारण उनको होम क्वारंटाइन कराना असंभव है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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