जोशीमठ। जोशीमठ नरसिंह मंदिर में पूजा अर्चना के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, तेल कलश व मुख्य पुजारी रावल बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए। यात्रा 13 मई को जोशीमठ से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ योगध्यान मंदिर पांडुकेशर और वहां से 14 मई को यात्रा उद्धव व कुबेर जी और शंकराचार्य की गद्दी सहित बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 15 मई को प्रातः की बेला पर 4.30 बजे बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने पर भगवान का अभिषेक किया जायेगा। Post navigation उत्तराखंड में सामने आए तीन कोरोना पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या हुई 72 प्रशासन अलर्ट, 8,000 प्रवासी पहुंचे टिहरी