चमोली। जनपद चमोली के ग्राम मठ-छिनका में आयोजित पावन श्रीराम कथा इन दिनों पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनी हुई है। कथा के तीसरे दिवस कथा व्यास आचार्य शैलेन्द्र सती ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोषों से गूंज उठा।

आचार्य शैलेन्द्र सती ने अपने प्रवचन में बताया कि जब भगवान शिव अपने अघोर स्वरूप में भूत-प्रेतों, गणों एवं योगियों की अनोखी बारात के साथ विवाह हेतु पहुंचे, तब उस विचित्र दृश्य को देखकर माता मैना भयभीत हो गईं। भगवान शिव के जटाजूट, शरीर पर भस्म, गले में सर्प एवं भूतगणों की उपस्थिति ने विवाह समारोह को अलौकिक बना दिया।

“शिव का रूप भले अघोर, लेकिन वे समस्त संसार के मंगलकारी”

कथा के दौरान आचार्य ने बताया कि जब माता मैना अपने पुत्री के भविष्य को लेकर चिंतित होकर मूर्छित हो गईं, तब माता पार्वती ने उन्हें समझाते हुए कहा कि भगवान शिव का स्वरूप भले ही सामान्य दृष्टि में अमंगलकारी प्रतीत होता हो, लेकिन वे स्वयं कल्याण एवं मंगल के अधिष्ठाता हैं। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव द्वारा उनका वरण किया जाना परम सौभाग्य का विषय है।

आचार्य शैलेन्द्र सती ने इस प्रसंग के माध्यम से समाज को यह संदेश भी दिया कि बाहरी स्वरूप से किसी का मूल्यांकन नहीं करना चाहिए, बल्कि व्यक्ति के गुण, त्याग और लोककल्याण की भावना को समझना चाहिए।

क्षेत्रभर से पहुंचे श्रद्धालु

रामकथा के तीसरे दिवस ग्राम मठ, छिनका, नैल-कुडाव, भीमतल्ला, चमोली, जैसाल, बौंला एवं बिरही क्षेत्र सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।

श्रद्धालुओं के लिए सेवा एवं प्रसाद की विशेष व्यवस्था

आयोजन समिति द्वारा कथा में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, जूस एवं हलवा प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने सेवा भावना के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत कर भारतीय संस्कृति की अतिथि परंपरा को जीवंत किया।

ग्रामवासियों के संयुक्त सहयोग से हो रहा आयोजन

यह धार्मिक आयोजन ग्राम मठ, छिनका एवं जैसाल के ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा कथा को सफल एवं भव्य बनाने हेतु निरंतर सहयोग दिया जा रहा है।

आयोजन समिति में शामिल प्रमुख सदस्य

आयोजन मंडल में ग्राम प्रधान  पुष्पा राणा,  कुन्दन सिंह झिंक्वाण, उम्मेद सिंह,  नन्दन सिंह, नारद प्रसाद तिवारी, सतीश चन्द्र जोशी,  राकेश थपलियाल एवं माता प्रसाद मनोज थपलियाल सहित अन्य ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

आध्यात्मिक वातावरण से भक्तिमय बना क्षेत्र

रामकथा के आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दे रहा है। प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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