नैनीताल। पूर्व मुख्यमंत्रियों का आवास भत्ता समेत अन्य सुविधाओं का बकाया माफ करने का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। देहरादून की रुलक संस्थ ने जनहित याचिका दायर कर राज्य सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी है। मामले में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता ने याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पक्षकार बनाने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई सोमवार के लिए नियत कर दी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में अध्यादेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर इस मामले में अध्यादेश लाया गया है, जो असंवैधानिक है। सरकार द्वारा हाई कोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर अध्यादेश लाया गया है। कोर्ट ने पूर्व में पूर्व मुख्यमंत्रियों से बकाया किराया समेत सुविधाओं का बकाया वसूलने के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ पूर्व सीएम विजय बहुगुणा व कोश्यारी ने विशेष अपील दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation 72 अतिक्रमण का ध्वस्तीकरण किया गया बन्द चीनी मिलों गरदपुर एवं सितारगंज के सम्बन्ध में 10 दिनों के भीतर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए