ग्वालपाड़ा (हि.स.)। असम के ग्वालपाड़ा जिले में सबसे बड़ा डिटेंशन कैंप का निर्माण किया दा रहा है। राज्य सरकार ने इसका निर्माण अवैध विदेशी घुसपैठियों को रखने के लिए कर रही है। ज्ञात हो कि राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआसी) के अद्यतन के बाद 19 लाख से अधिक लोगों का नाम सूची से बाहर हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में विदेशी न्यायाधीकरण के बाद जब फैसल आएंगे तो विदेशी नागरिकों को रखने के लिए डिटेंशन कैंप की आवश्यकता होगी। जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। राज्य सरकार ने इसके निर्माण के लिए बजटीय प्रावधान पहले ही कर दिया था। इन दिनों ग्वालपाड़ा जिले के पश्चिम मटिया क्षेत्र में देश के पहले डिटेंशन कैंप का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। गुवाहाटी निर्माण स्थल की दूरी 170 किमी है। इस डिटेंशन कैंप का निर्माण लगभग 46 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसे पहला डिटेंशन कैंप इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि राज्य में जितने भी डिटेंशन कैंप वर्तमान में क्रियान्वित हैं, वे सभी किसी न किसी जेल में चल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस डिटेंशन कैंप में करीब 3000 लोगों के रहने की सुविधा है। इस परियोजना पर काम दिसम्बर 2018 में शुरू हुआ है। दिसम्बर 2019 तक इसे पूरा करना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी लागत लगभग 46 करोड़ रुपये निर्धारित की गई। यहां पर चार मंजिला 15 इमारतें बनाई जा रही हैं। जिसमें से 13 पुरुषों और 2 महिलाओं के लिए बनाई जा रही हैं। यहां पर अलग शौचालय, अस्पताल, रसोई, भोजन क्षेत्र, मनोरंजन क्षेत्र और एक स्कूल भी होगा। इस डिटेंशन कैंप का निर्माण 2 लाख 88 हजार वर्ग फीट के क्षेत्र में किया जा रहा है। इसमें सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के लिए अलग आवासीय सुविधाएं होंगी। अधिकारी और ग्रेड फोर के कर्मचारियों के लिए इमारतें होंगी। इसमें 2 सुरक्षा बैरक होंगे। पानी की व्यवस्था में 50,000 लीटर की क्षमता होगी। उल्लेखनीय है कि इस कैंप में ऐसे लोगों को रखा जाएगा, जो अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किए हैं। एनआरसी की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिनकी भी पहचान विदेशी के रूप में होगी, उनको यहां पर रखा जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation निर्यातकों को 50 और रियल एस्टेट को 10 हजार करोड़ का मिलेगा फंड : सीतारमण हिन्दी को लेकर अमित शाह के बयान पर सियासत तेज