देहरादून। देहरादून सहित उत्तराखंड के कई इलाकों में ईद का त्योहार मनाया गया। इस दौरान लोगों ने गले लगने की बजाय दिल पर हाथ रखकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। हल्द्वानी में ईद उल फितर की नमाज ईदगाह में सुबह 8.00 बजे पांच लोगों ने अदा की। मस्जिद बंजारन के पेश इमाम मौलाना अब्दुल बासित ने नमाज पढ़ाई। नमाज के बाद उन्होंने कोरोना से निजात की दुआ मांगी। साथ ही लोगों से अपील की कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें। हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में घर में नमाज अदा की। हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में धनपुरा के ईदगाह पर ईद के मौके पर नमाज अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोग लॉकडाउन के कारण जिले में कहीं भी सार्वजनिक रूप से नमाज नहीं अदा की गई।प्रशासन ने इसके लिए अनुमति नहीं दी थी। माहे रमजान के आखिरी रोजे की शाम को ईद का चांद दिख गया। देहरादून में ईद का उल्लास नजर आया। लोगों ने एक दूसरे को सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी। जमीयत उलेमा ए हिंद देहरादून के जिलाध्यक्ष मुफ्ती रहीस अहमद ने सभी से अपील की थी कि कोरोना महामारी के बीच इस साल निश्चित तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है लेकिन गले मिलने के बजाय दिल पर हाथ रखकर आप भी ईद मुबारक कह सकते हैं। कोरोना बीमारी के दौरान जरूरतमंदों को हो रही ब्लड की कमी को दूर करने के लिए आज ईद के मौके पर देहरादून के एक होटल में आयोजित रक्तदान शिविर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रक्तदान किया। ईद पर मांगी मुल्क और सूबे को कोरोना से मुक्ति की दुआ देहरादून। देहरादून में ईद का त्यौहार बेहद ही सादगी के साथ मनाया गया। लोगों ने इस बार ईद की नमाज अपने-अपने घरों में ही अता की। वहीं ईदगाह और मस्जिदों में दो-चार-छह लोगों की मौजूदगी में रस्मी तौर पर ही अता की गयी। ईद की नमाज के बाद लोगों ने कहा कि उन्होने अल्लाह से दुआ मांगी है कि वह मुल्क व हमारे सूबे को इस कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाये। इस साल हर साल की तरह न तो ईद के मुबारक मौके पर बाजारों में चहल पहल दिखी और न ईदगाहों और मस्जिदों में। कोरोना के संभावी खतरे के मद्देनजर पहले ही शासन-प्रशासन ने अपील की थी कि वह इस बार ईद का त्यौहार सादगी से मनायें तथा घरों में रहकर ही नमाज अता करें। शहर काजी ने लोगों से अपील की थी कि जान की सुरक्षा ज्यादा जरूरी है। यही कारण है कि आज राजधानी स्थित ईदगाह और अन्य मस्जिदों में ईद की नमाज की रस्म अदायगी भर की गयी। जबकि हर साल सैकड़ों व हजारों की तादात में लोग नमाज के लिए ईदगाह पहुंचते थे। नैनीताल से प्राप्त समाचारों के अनुसार आज ईद पर यहंा जामा मस्जिद में सिर्फ चार लोगों ने नमाज अता की। वहीं रामनगर में भी ईदगाह में सिर्फ पांच लोगों ने नमाज अता की। रूड़की, हरिद्वार व भगवानपुर में ईद का त्यौहार बेहद सादगी से मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस ने भी पूरी चैकसी रखी हुई थी। मसूरी में सादगी से मनाई गयी ईद मसूरी। लॉकडाउन के बीच मसूरी में ईद-उल-फितर का त्यौहार बड़ी सादगी के साथ मनाया गया। लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए ईदगाह और मस्जिदों में कुछ ही लोगों ने नमाज अदा की। ज्यादातर लोगों ने घरों में रहकर ही नमाज अदा की। ईद-उल-फितर में सोशल डिस्टेसिंग का विशेष ध्यान रखा गया। कहीं पर भी भीड़ को इकट्ठा नहीं होने दिया गया। मसूरी में लोगों ने उलेमाओं की अपील के तहत शारीरिक दूरी का पालन कर ईद मनाई। सोशल मीडिया पर ही लोगों ने एक-दूसरे को ईद की बधाई दी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मस्जिदों के बाहर पहले ही पुलिस तैनात कर दी गई थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी सभी प्रदेश वासियों को ईद-उल-फितर की मुबारकबाद दी। Post navigation हवाई जहाज से आने वाले लोगों को स्वयं के भुगतान के आधार पर इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटीन कर रहा प्रशासन आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाला प्रेमी गिरफ्तार