हल्द्वानी। रामपुर रोड आईटीआई से धान मिल तक पेयजल पाइप लाइन फट जाने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई हैै। कई महीने बीत जाने के बाद भी विभाग ने मरम्मत नहीं की है। लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
महानगर हल्द्वानी में कोई भी सड़क ऐसी नहीं है, जिसमें गड्ढे न हों। सड़क टूटने का मुख्य कारण बरसात का मौसम होता है। बारिश के दौरान महानगर और ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव से हालत बदतर थी, लेकिन मानसून को विदा हुए करीब डेढ़ माह बीत चुका है और आईटीआई ट्यूबवैल से पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइप लाइन फटने से लोगों को लगता है कि बरसात का मौसम जारी है। ट्यूबवैल के ओवरहेड टैंक से करीब दो सौ मीटर दूर श्री बाला जी मंदिर के निकट सड़क तालाब में तब्दील हो गई है। इस रोड पर कई बैंक्वेट हाल, निजी स्कूल और निजी अस्पताल हैं। यह क्षेत्र महानगर का पॉश एरिया माना जाता है। हजारों वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। जिस जगह पूरी सड़क पानी से भरी है वहां स्थित दुकानों और भवनों पर वाहन गुजरने से गंदे पानी के छींटे पड़ते हैं। भवनों की दीवारें कीचड़ से बदरंग हो गई हैं। दुकानदारों व राहगीरों के कपड़े भी गंदे होते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत करने पर जवाब मिलता है कि पेयजल पाइप लाइन बदलने के लिए बजट नहीं है। पाइप लाइन पुरानी हो गई है, इसलिए मरम्मत संभव नहीं है। इसी मार्ग पर नीलकंठ हॉस्पिटल से लेकर धान मिल तक सड़क का दस मीटर टुकड़ा भी दुरुस्त नहीं है। गड्ढों से वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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