अल्मोड़ा। पहाड़ में दम तोड़ चुकी स्वास्थ्य सेवाओं के चलते आये दिन गर्भवती महिला या फिर नवजात शिशु मौत होना अब आम होने लगा है। गंगोलीहाट विधायक मीना गंगोला की देवरानी दीपा गंगोला को प्रसव पीड़ा होने पर बीते गुरुवार को बेरीनाग अस्पताल में भर्ती किया गया। चार घंटे तक अस्पताल में इलाज के बाद डॉक्टरों ने उचित स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं होने का हवाला देकर हायर सेंटर ले जाने की सलाह दे दी। जिसके बाद परिजन महिला को आपात सेवा 108 से अल्मोड़ा को ले आए। अल्मोड़ा लाते समय कांचुलापुल के पास महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ गई। 108 को रोक कर महिला का प्रसव कराया गया। तब महिला ने स्वस्थ नवजात बच्ची को जन्म दिया। फिर 108 जच्चा और बच्चा को लेकर रात करीब नौ बजे अल्मोड़ा अंजलि हास्पीटल पहुंची।
अस्पताल पहुंचने से पहले की नवजात ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने नवजात शिशु को मृत घोषित करने पर परिजनों में कोहराम मच गया। जिसके बाद परिजनों ने महिला को अंजलि अस्पताल भर्ती में करा दिया है। महिला का हास्पीटल में इलाज चल रहा है। फिलहाल महिला के स्वास्थ्य में सुधार है। लेकिन नवजात की मौत होने से महिला समेत परिजन गमजदा है। लगातार पहाड़ में तम तोड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं से लोगों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है। बेरीनाग जैसे बड़े क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते आए दिन प्रसव के दौरान नवजात शिशु या फिर महिला को काल के गाल में समाना पड़ रहा है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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