हरिद्वार। ओट्रिनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जो की एक पर्यावरण केंद्रित अभिनव इलेक्ट्रॉनिक निर्माता कंपनी है ने जीसस एंड मैरी कॉन्वेंट स्कूल, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में अभियान “गो ग्रीन” के तहत एक पूरी तरह से स्वचालित जैविक खाद बनाने की मशीन के लॉन्च की घोषणा की। इस अभियान का उद्देश्य खाद्य और हरित अपशिष्ट के निपटान और जिम्मेदार संगठनों के साथ साझेदारी करके रीसाइक्लिंग के लिए अच्छी प्रथाओं पर मानव जाति को जागरूक करना और संवेदनशील बनाना है।
इस मशीन की विशिष्टता के बारे में बोलते हुए, ओट्रिनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. शैलेश मिश्रा ने बताया कि यह एक विशेष रूप से बनाया गया उन्नत वैज्ञानिक संयंत्र है, जो न केवल सॉलिड वेस्ट को जैविक खाद में परिवर्तित करेगा, बल्कि बाजार में उपलब्ध अन्य समान उत्पादों की तुलना में 80ः कम बिजली की खपत करता है, जो एंजाइम की स्थायीता की रक्षा करता है, तथा साथ में ये एक जैविक उर्वरक के निर्माण का प्राकृतिक तरीका भी है। उन्होंने यह भी कहा, ष्हम एक प्रयास कर रहे हैं कि एक टिकाऊ प्रणाली विकसित की जाए, जो कि पर्यावरण मंत्रालय के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों दृ 2016 के पालन करने के साथ साथ पर्यावरण की बेहतरी और समाज की भलाई के लिए भी काम करे, जैसा कि सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा हमें मेसर्स हरितक्रम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के इस “गो ग्रीन” प्रयास से बहुत प्रोत्साहन और समर्थन भी मिला है। इस अभियान के शुभारंभ पर बोलते हुए अमित चड्ढा, निदेशक-हरितक्रम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कहा, कि “गो ग्रीन” अभियान आर डब्ल्यू ए, स्कूलों और सार्वजनिक निकायों के साथ भारत में ठोस कचरे के निपटान और पुनर्चक्रण को सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करना चाहता है।




