देहरादून/पिथौरागढ़/नैनीताल। उत्तराखंड में पर्यटन सीजन के बीच शुक्रवार को दो अलग-अलग जिलों में हुए दर्दनाक हादसों ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में पर्यटकों की बोलेरो पर विशाल चट्टान गिरने से चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं नैनीताल में जल संस्थान के बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से दिल्ली से घूमने आई मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पिथौरागढ़ में चलती बोलेरो पर गिरी चट्टान जानकारी के अनुसार धारचूला तहसील मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर पंपाबे क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से एक विशाल बोल्डर टूटकर पर्यटकों की बोलेरो गाड़ी पर आ गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बोलेरो में सवार सभी पर्यटक राजस्थान के कोटा जिले के रामगंज मंडी क्षेत्र के रहने वाले थे, जो उत्तराखंड भ्रमण पर आए थे। परिवार ने पहले आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए थे तथा इसके बाद दारमा घाटी स्थित पंचाचूली बेस कैंप का भ्रमण किया। शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे वापसी के दौरान यह हादसा हो गया। हादसे में मृतकों की पहचान सुरेन्द्र गर्ब्याल (50), चालक, निवासी गर्ब्यांग, धारचूला, पिथौरागढ़ केशव खंडेलवाल (15), निवासी रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान घायल ऋषभ खंडेलवाल (30) राघव खंडेलवाल (17) रुणि खंडेलवाल (26) आयुष खंडेलवाल (24) सभी घायलों को तत्काल उप जिला चिकित्सालय धारचूला भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाई ने बताया कि सीमांत क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नैनीताल में बेकाबू ट्रक ने मां-बेटी को कुचला उधर नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में भी बड़ा हादसा हो गया। जल संस्थान का एक ट्रक अचानक बेकाबू होकर पहले एक वाहन से टकराया और फिर सड़क किनारे चल रही दिल्ली की दो महिला पर्यटकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 42 वर्षीय रितु डांग और उनकी 20 वर्षीय बेटी भारवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक महिला का हाथ और दूसरी का पैर ट्रक के पहिए के नीचे आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तत्काल बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। एसएसआई दिनेश जोशी ने बताया कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। चालक घटना के बाद स्वयं कोतवाली पहुंच गया था। पर्यटन सीजन में बढ़ी सुरक्षा की चिंता एक ही दिन में उत्तराखंड के दो प्रमुख पर्यटन जिलों में हुए इन हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं के बीच प्रशासन के सामने पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है। Post navigation गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए उम्मीद की किरण, डीएम आशीष चौहान ने शुरू कराया विशेष अभियान जसपाल राणा को नम आंखों से अंतिम विदाई, देहरादून पहुंचे मुख्यमंत्री धामी; गुरु को देखकर भावुक हुईं मनु भाकर